अभी-अभी- नागरिकता कानून के बाद हो रही हिंसा और आगजनी पर बोले PM मोदी- देशहित के लिए…

नई दिल्ली. नागरिकता कानून को लेकर उत्तर प्रदेश समते देश के कई अलग-अलग राज्यों में विरोध प्रदर्शन चल रहा है तो कई जगह आगजनी और हिंसा की घटना भी सामने आई है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को द्योग मंडल एसोचैम को संबोधित करते हुए एक बड़ी बात कही। पीएम मोदी ने कहा देशहित के लिए उठाए कदम से लोगों का गुस्सा और लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ती है। आपको बता दें कि बीते गुरुवार को उत्तर प्रदेश के लखनऊ और संभल में प्रदर्शन के दौरान आगजनी और हिंसा देखने को मिली।

शुक्रवार को एसोचैम की स्थापना दिवस के 100 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम सभा को संबोधित करते हुए कहा देश के लिए काम करने में काफी गुस्सा झेलना पड़ता है, कई लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ती है इसके अलावा कई आरोपों से गुजरना पड़ता है। इस उपलक्ष्य में आज ‘100 ईयर्स ऑफ एसोचैम’ नाम से कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। पीएम मोदी समेत मंत्रिमंडल के कई बड़े नेता शामिल हुए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार हर वर्ग का सुनती है। उन्होंने कहा, ‘आज देश में वह सरकार है जो किसान की भी सुनती है, मजदूर की भी सुनती है, व्यापारी की भी सुनती है, उद्योग जगत की भी सुनती है। उनकी आवश्यकताओं को समझने का प्रयास करती है और उनके सुझावों पर काम करती है।’

5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की बात अचानक नहीं आई है। बीते 5 साल में देश ने खुद को इतना मजबूत किया है कि ऐसे लक्ष्य रखे भी जा सकते हैं और उन्हें प्राप्त भी किया जा सकता है।

पीएम ने कहा हमने अर्थव्यवस्था के ज्यादातर आयामों को आसान करने के लिए व्यवस्था में लाने का प्रयास किया है।इसके साथ ही हम अर्थव्यवस्था को आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए मोर्डनाइज और स्पीडअप करने की दिशा में भी आगे बढ़े हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा- 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य जब मैंने सार्वजनिक रूप से कहा तो मुझे पता था कि सुगबुगाहट शुरु हो जाएगी, ऐसा भी कहा जाएगा कि भारत ऐसा नहीं कर सकता है। लेकिन आजकल अर्थव्यवस्था को गति देने वाले सभी समूह 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था को लेकर चर्चा तो करते हैं।

अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के लिए लगतार कदम उठाएं- प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 5-6 साल पहले अर्थव्यवस्था विनाश की तरफ जा रही थी। हमारी सरकार ने न सिर्फ अर्थव्यवस्था को स्थिरता दी है, बल्कि इसे अनुशासित करने की दिशा में भी कई प्रयास किए हैं। हमने इंडस्ट्री की दशकों पुरानी मांग को पूरा करने पर ध्यान दिया है।

इज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में हो रहा है तेजी से सुधार- भारत आज दुनिया के उन टॉप-10 देशों में शामिल है, जिसने इज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में पिछले 3 वर्षों में लगातार सबसे अच्छा सुधार किया है।क्या उद्योग जगत नहीं चाहता था कि देश में टैक्स का जाल कम हो। हर राज्य में अलग अलग दरों की परेशानी से उसे मुक्ति मिले। हम जीएसटी लाए। व्यापार जगत से जो भी फीडबैक मिला, हम जीएसटी में आवश्यक चीजें जोड़ते रहे। उसमें जरूरी परिवर्तन करते रहे।

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