जानिए कैसे छपते हैं भारतीय नोट, यहां से आता है स्याही और कागज

नई दिल्ली॥ अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए रुपया सबसे अधिक अहम हैं। रुपए के रूप में जिन नोट का हम प्रयोग करते हैं, क्या आप जानते हैं कि वह नोट कैसे बनते हैं इनकी छपाई कहां होती है किस तरह की स्याही का प्रयोग किया जाता है। तो आईये जानते हैं।

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इंडियन करंसी के नोट भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा छापे जाते हैं। ये केवल सरकारी प्रिंटिंग प्रेस में ही छापे जाते हैं। देशभर में 4 प्रिंटिंग प्रेस हैं। नासिक, देवास, मैसूर व सालबोनी (वेस्ट बंगाल) में नोट छपाई का काम किया जाता है।

यहां से आती है ink

नोट छापने वाली ink का आयात मुख्य रूप से स्विटजरलैंड की कम्पनी SICPA से किया जाता है। जिसमें इंटैगलियो (Intaglio), फ्लूरोसेंस ( Fluorescent) और ऑप्टिकल वेरिएबल ink का प्रयोग किया जाता है। आपको बता दें कि आयात होने वाली स्याही के कंपोजिशन में हर बार चेंजेस करवाया जाता है, ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि कोई भी देश इसकी नकल न कर सके।

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कैसे कार्य करती है ये स्याही

  • इंटैगलियो ink: इसका प्रयोग नोट पर दिखने वाली महात्मा गांधी की तस्वीर छापने में किया जाता है।
  • फ्लूरोसेंस ink: नोट के नंबर पैनल की छपाई के लिए इस इंक का इस्तेमाल किया जाता है।
  • ऑप्टिकल वेरिएबल ink: नोट की नकल न हो पाए इसलिए इस इंक का यूज होता है।

यहां से आता है कागज़़

हिंदुस्तान की भी एक पेपर मिल सिक्योरिटी पेपर मिल (होशंगाबाद) है। ये नोट और स्टांप के लिए पेपर बनाती है। हालांकि हिंदुस्तान के नोट में लगने वाला ज्यादातर पेपर जर्मनी, जापान व यूके से आयात किया जाता है।

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