मनी प्लांट लगाने के नियम जान लें, कहीं आपका पैसा बर्बाद न कर दे

वास्तु टिप्स: ज्योतिष और वास्तु के अनुसार किसी भी पौधे को लगाने का एक समय और नियम होता है। यदि यह उस समय और उपयुक्त नियमों के साथ लगाया जाता है, तो वह पौधा भी फलता-फूलता है और सकारात्मक परिणाम देता है। आइए जानते हैं मनी प्लांट लगाने के नियम।

मनी प्लांट लगाने के नियम:

आग्नेय कोण में रखें: घर, गैलरी या बगीचे में मनीप्लांट के पौधे लगाने के लिए आग्नेय दिशा सबसे उपयुक्त दिशा है। इससे आग्नेय दिशा का दोष दूर होगा और घर में सकारात्मकता का विकास होगा। इस दिशा में इस पौधे को लगाने से भी सकारात्मक ऊर्जा का लाभ मिलता है।

शुक्र ग्रह होता मजबूत : मनी प्लांट को आग्नेय यानि दक्षिण-पूर्व दिशा में रखने का कारण यह है कि इस दिशा के देवता गणेश हैं जबकि प्रतिनिधि शुक्र है। गणेश बुराई का नाश करने वाले हैं जबकि शुक्र सुख और समृद्धि लाता है। इतना ही नहीं घंटी और लता का कारण शुक्र ग्रह माना जाता है। इसलिए मनी प्लांट को अग्नि दिशा में लगाना उचित माना जाता है।

कच्ची जमीन : अगर घर में कच्ची जमीन न हो तो मनी प्लांट लगाना जरूरी हो जाता है. आज के दौर में घर अंदर से बिल्कुल पक्के हैं। इसलिए शुक्र घर में स्थापित नहीं है, क्योंकि शुक्र कच्ची भूमि का कारक है। इसलिए यदि घर में कहीं कच्ची जमीन न हो तो मनी प्लांट लगाना शुभ फल देने वाला कारक है।

उत्तर-पूर्व दिशा में न लगाएं मनी प्लांट को उत्तर-पूर्व दिशा यानी उत्तर-पूर्व में नहीं रखा जाता है क्योंकि यह दिशा बृहस्पति ग्रह मानी जाती है और मनी प्लांट शुक्र ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है। बृहस्पति और शुक्र एक दूसरे के शत्रु ग्रह हैं। इसलिए मनी प्लांट को शुक्र के आग्नेय कोण में रखा जाता है। कहा जाता है कि मनी प्लांट शुक्र का पौधा है इसलिए शुक्र ग्रह के शत्रु ग्रह का पौधा इसके पास नहीं लगाना चाहिए। मंगल, चंद्रमा और सूर्य के पौधे की तरह।

सूखे पत्ते हटाएं: मनी प्लांट के सूखे पत्ते तुरंत हटा दें. दूसरी बात मनी प्लांट की पत्तियाँ जमीन को नहीं छूना चाहिए क्योंकि यह सुख-समृद्धि में बाधक मानी जाती है और सफलता में भी बाधक होती है।

नक्षत्र: ज्योतिष के अनुसार उत्तरा, स्वाति, हस्त, रोहिणी और मूल नक्षत्र वृक्षारोपण के लिए बहुत शुभ हैं। जो लोग अपने जन्म नक्षत्र को जानते हैं उन्हें जन्म नक्षत्र के अनुसार ही पौधे लगाने चाहिए।

पक्ष: शुक्ल पक्ष में पौधरोपण। वृक्षारोपण के लिए शुक्ल पक्ष की अष्टमी से कृष्ण पक्ष की सप्तमी तक का समय शुभ रहता है।