जानिए कौन हैं यशोधरा राजे सिंधिया, लंदन में पैदा हुईं अब शिवराज सरकार में बनी कैबिनेट मंत्री

नई दिल्ली॥ मध्य प्रदेश में BJP की सरकार का आज मंत्रिमंडल विस्तार हुआ, जिसमें मध्य प्रदेश की राज्यपाल (अतिरिक्त प्रभार) आनंदी बेन पटेल ने राजभवन में कुल 28 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई। गुरुवार को 28 मंत्रियों ने शपथ ली, जिसमें 20 कैबिनेट मंत्री, 8 राज्य मंत्री बनाए गए हैं। इनमें सांसद ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया की बुआ यशोधरा राजे सिंधिया को भी फिर एक बार शिवराज सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।

Yashodhara Raje Scindia

लंदन में पैदा हुईं, यशोधरा राजे सिंधिया ने 1998 में BJP की सदस्या के रूप में राजनीति में प्रवेश किया। वह जिवाजीराव सिंधिया और स्वर्गीय राजमाता विजयाराजे सिंधिया की बेटी हैं। उन्होंने मुंबई के कैथेड्रल और जॉन कॉनन स्कूल, फिर प्रेजेंटेशन कॉन्वेंट, कोडाईकनाल और सिंधिया कन्या विद्यालय, ग्वालियर से उन्होंने अपने अंतिम दो सालों की पढ़ाई पूरी की। 1977 में, वह कार्डियोलॉजिस्ट सिद्धार्थ भंसाली के साथ शादी करने के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यू ऑरलियन्स चली गईं। उनके 3 बच्चे हैं, अक्षय, अभिषेक और त्रिशला।

उसके बाद वे 1994 में भारत वापस आ गईं और औपचारिक रूप से 1998 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी के सदस्य के रूप में चुनाव लड़ा और राजनीति में सक्रिय रूप से शामिल हो गईं। आज उनकी छवि एक कद्दावर नेता के रूप में उभरकर सभी के सामने आई है। उन्हें खेल, कला और संस्कृति, विकास कार्यों में विशेष रूचि है।

रह चुकी हैं राज्यमंत्री

वर्ष 2018 में यशोधरा राजे सिंधिया शिवपुरी से चुनावी मैदान में उतरीं और भाजपा की ओर से उन्‍होंने विधानसभा चुनाव में विजय हासिल की । इससे पहले वर्ष 2013 में उन्होंने शिवपुरी से विधानसभा चुनाव जीता और कांग्रेस के बिरेंद्र रघुवंशी को हराया। मध्यप्रदेश विधान सभा चुनावों में भाजपा की जीत पर वे पर्यटन, खेल और युवा मामलों के लिए राज्यमंत्री बनीं। वह वाणिज्य, उद्योग तथा रोजगार मंत्री और मध्यप्रदेश औद्योगिक केन्द्र विकास निगम (भोपाल) की अध्यक्षा रह चुकी हैं ।

इतना ही नहीं राजे को 2009 में ग्वालियर सीट से 15 वीं लोकसभा (दो बार) में फिर से निर्वाचित किया गया था । उन्होंने कांग्रेस पार्टी के अशोक सिंह को हराया। बाद में उन्हें रेलवे और महिला सशक्तिकरण समिति के सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया। वह स्वास्थ्य और परिवार कल्याण समिति की सदस्या भी रही हैं।

उन्होंने 19 दिसंबर 2013 को लोकसभा से इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले यशोधरा राजे सिंधिया ने 2003 में भी मध्यप्रदेश के शिवपुरी से विधानसभा चुनाव लड़ा और विजय प्राप्त की थी। वह 2010 में अनुमान पर समिति की सदस्या भी बनी थीं। एक तरह से इनके बारे में कहा जा सकता है कि श्रीमती राजे अपनी मां जनसंघ की संस्‍थापक सदस्‍यों में से एक भाजपा की मार्गदर्शक रहीं ग्वालियर राजघराने की राजमाता विजयाराजे सिंधिया की परंपरागत राजनीतिक विरासत को मध्‍य प्रदेश में सम्‍हाले हुए हैं।

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