मक्के की फसल को इस चीज से सबसे ज्यादा खतरा, नहीं बढ़ने देता है पौधा, करें ये काम

मक्के की ज्यादा पैदावार बढ़ाने के लिए इस मौसम में किसानों को अपने खेतों में विशेष ध्यान देना चाहिए।

लाइफस्टाइल डेस्क। मक्के की ज्यादा पैदावार बढ़ाने के लिए इस मौसम में किसानों को अपने खेतों में विशेष ध्यान देना चाहिए। क्योंकि इस मौसम में नमी के कारण मक्के की फसल में अक्सर फॉल आर्मी वर्म कीट को बढ़ने के लिए पर्याप्त माहौल मिलता है।
Corn crop
यह कीट मक्के के पौधे को बढ़ने की शक्ति को समाप्त कर देती है और यदि समय पर इसका नियंत्रण नहीं किया गया तो पूरा पौधा ही चट कर जाता है। फॉल आर्मी वर्म (कीट) आज किसानों के फसल नुकसान का एक मुख्य कीट बनता जा रहा है। वैसे तो ये 80 प्रकार के फसलों को नुकसान पहुंचाती है। लेकिन सीमांचल क्षेत्र में ये कीट मक्के की फसल का विशेष दुश्मन हो रहा है।
इस कीट के प्रथम एवं द्वितीय अवस्था में नियंत्रण के लिए 1500 पीपीएम वाले नीम तेल का पांच मीली लीटर मात्रा में पानी घोलकर छिड़काव करना चाहिए। कीट की तीसरी और चौथी अवस्था जिसमें पौधा पर कटे फटे छिद्र दिखाई देते हैं तो ‘स्पाइनटोरम 11.7%” का 0.5 मी.ली. प्रति लीटर पानी में घोलकर या क्लोरेन्ट्रानिलिप्रोएल 18.5 एस.सी. दवा की 0.4 मी.ली. पानी में या थायोमीथोक्साम+लेम्डसायेहेलोथ्रिम नामक दवा की 0.2 मी.ली. प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव अतिशीघ्र करना चाहिए।
पांचवी और छठी अवस्था में ये पौधे को अतिशीघ्र खाते हुए आगे बढ़ते हैं। इस अवस्था में नियंत्रण करना बहुत कठिन हो जाता है। जिसके लिए विशेष प्रकार की चारा बनाना पड़ता है। जिसके लिए दो-तीन लीटर पानी में 10 किलो चावल की भूसी के साथ दो किलो गुड़ मिलाकर मिश्रण को 24 घंटे छोड़ देते हैं इसके बाद इसमें 100 ग्राम “थायोडीकार्व 75%wp” मिलाकर इसके छोटे छोटे गोली बनाकर शाम के समय खेत में डाल देने से इस प्रकार के कीटों से मक्का फसल को बचाया जा सकता है।

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