मोदी सरकार कैंसिल कर चुकी है 4 करोड़ से ज्यादा राशन कार्ड, जानें कारण

तकरीबन सात साल में चार करोड़ से अधिक राशन कार्ड कैंसिल किए जा चुके हैं।

तकरीबन सात साल में चार करोड़ से अधिक राशन कार्ड कैंसिल किए जा चुके हैं। ये सूचना उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की तरफ से दी गई है। आइए जानते हैं कि आखिर इसकी क्या कारण है।

ration card

मंत्रालय के अनुसार सही लाभार्थियों की पहचान करने के लिए सन् 2013 से 2020 के मध्य 4.39 करोड़ फेक राशन कार्डों को रद्द किया गया है। हालांकि, कैंसिल किए गए राशन कार्डों के बदले में सही और योग्‍य लाभार्थियों/परिवारों को नियमित तौर पर नये कार्ड जारी किए गए हैं।

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग  के मुताबिक सार्वजनिक वितरण व्‍यवस्‍था (पीडीएस) में सुधार और पारदर्शिता के लिए ये अभियान चलाया गया था। मंत्रालय की तरफ से दी गई सूचना के अनुसार पीडीएस के जरिए 81।35 करोड़ लोगों को बेहद कम कीमत में खाद्यान्‍न उपलब्‍ध कराया जा रहा है।

ये सन 2011 की जनगणना के अनुसार हिंदुस्तान की जनसंख्‍या के दो तिहाई लोग हैं। मौजूदा समय में देश के 80 करोड़ से अधिक लोगों को केन्‍द्र द्वारा जारी रियायती दरों- तीन रुपये, दो रुपये और एक रुपये प्रति किलोग्राम की दर से हर महीने खाद्यान्‍न (चावल, गेहूं और अन्‍य मोटे अनाज) उपलब्‍ध कराया जा रहा है। आपको बता दें कि राशन कार्ड को आधार से लिंक कराना अब अनिवार्य हो गया है।

यदि आपने आधार को लिंक नहीं कराया तो आने वाले वक्त में राशन कार्ड कैंसिल किया जा सकता हैय़ बीते दिनों सरकार ने नए साल में एक देश और एक राशन कार्ड को भी अनिवार्य करने का ऐलान किया था। इसका अर्थ ये हुआ कि आप एक राशन कार्ड पर देश के किसी भी हिस्से में अपने हिस्से का राशन ले सकते हैं।

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