गरीबों को दिया दान, अमन चैन के साथ कोरोनासे मुक्ति की मांगी दुआ, कुछ इस अंदाज में मनाई गई मोहम्मद साहब की जयंती

सादगी से मनाई मोहम्मद साहब की जयंती, भाईचारे का दिया पैगाम

सांप्रदायिक सौहार्द का शहर है मीरजापुर। यहां लोगों की रगों में सौहार्द धड़कता है। इसकी मिसाल एक बार फिर जनपदवासियों ने पेश की। शुक्रवार को बारावफात (ईद-मिलादुन्नबी) पर्व जिले भर में धूमधाम से मनाया गया।

Eid-ul-Miladunbi

हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन पर लोगों ने बेहद सादगी के साथ भाईचारे का पैगाम दिया। हालांकि कोरोना महामारी के चलते इस बार जुलूस नहीं निकाला गया लेकिन ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर घरों और मस्जिदों को रंग-बिरंगी रोशनी से जरूर सजाया गया था। वहीं जरूरतमंदों व गरीबों को खैरात बांटा गया और तकरीरें पढ़ी गई। साथ ही देश में अमनचैन के साथ कोरोना से मुक्ति की दुआ की गई।

ईद-उल-मिलादुन्नबी (बारावफात) पर्व को लेकर मुस्लिम समुदाय में पखवारे भर से तैयारी चल रही थी। इस दिन को कौमी लोग हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के रूप में मनाते हैं। इस दिन बच्चे भी इस्लामी झंडा लेकर पैगंबर मोहम्मद के प्रति समर्पित दिखे। लोगों ने घर पर ही रहकर ईद-ए-मिलाद पर इबादत की। मुस्लिम समाज ने पैगंबर साहब का जन्मदिन घरों में ही रहकर मनाया।

जन्मदिन की खुशी पर शहर के विभिन्न मोहल्लों को लाइटों, गुब्बारों, हरे झंडों और बैनर-होर्डिंग्स से सजाया गया था। लोगों ने घरों को सतरंगी रोशनी से सजाकर झंडे लगाए थे। तरकापुर, वासलीगंज, भटवा की पोखरी, मकरी खोह, इमामबाड़ा सहित कई इलाकों में सजावट की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल व पुलिस अधीक्षक ने इमामबाड़ा पहुंचकर जायजा लिया। वहीं अन्य स्थानों पर भी पुलिसकर्मी चक्रमण करते रहे।

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