57 हजार से ज्यादा महिलाएं उठा चुकीं हैं मोदी सरकार की इस योजना का लाभ, क्या आपको मिला इसका फायदा

गर्भवती महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है।

पटना॥ गर्भवती महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है। जिले में 57 हजार से अधिक महिलाओं को अब तक इसका लाभ मिल चुका है। योजना के तहत न केवल सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है बल्कि कैंप लगाकर प्रत्येक महीने महिलाओं का स्वास्थ जांच भी की जा रही है।

समेकित बाल विकास परियोजना विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को लेकर पंजीकरण किया जा रहा है। योजना के तहत पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को पांच हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। 3356 आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविका घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर रही हैं।

तमाम गर्भवती महिलाओं को मिला लाभ:

आईसीडीएस के डीपीओ रचना सिन्हा ने बताया कि अब तक 57924 गर्भवती महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल चुका है। कोरोना संक्रमण के समय दो गज की शारीरिक दूरी का पालन करते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकरण नहीं कर सेविका चिन्हित परिवारों के घर जाकर पंजीकरण कर रही हैं। योजना के माध्यम से पीएमएमवीवाई एवं कन्या उत्थान योजना का लाभ दिलाने के लिए बेहतर तरीके से काम किया जा रहा है।

चिन्हित आंगनवाड़ी क्षेत्र में प्रथम बार मां बनने वाली महिलाओं एवं शून्य से दो वर्ष की कन्या शिशुओं की सूची उपलब्ध करायी जा रही है। योजना का लाभ दिलाने के लिए आंगनवाड़ी सेविकाओं को चिन्हित लाभुकों के आवेदन भरकर जरूरी दस्तावेज आधार कार्ड, जन्म प्रमाण-पत्र, बैंक खाता पासबुक एवं एमसीपी (मदर एवं चाइल्ड प्रोटेक्शन) कार्ड की छाया प्रति जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।

क्या है पीएमएमवीवाई योजना:

संस्थागत प्रसव में वृद्धि एवं गर्भवती महिलाओं को विशेष सुविधा मुहैया कराने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को पांच हजार रुपये की सहायता राशि डीबीटी से खाते में दी जाती है। एक हजार रुपये की पहली किस्त गर्भवती महिलाओं को पंजीकरण कराते समय दी जाती है। दो हजार रुपये गर्भवती महिला को छह माह बाद होने वाले प्रसव पूर्व जांच के बाद दी जाती है। अंतिम किस्त में दो हजार रुपये बच्चे के जन्म पंजीकरण एवं प्रथम चक्र का टीकाकरण होने पर दिया जाता है।

कोरोना से बचने के लिए कर रहे हैं जागरूक:

गर्भवती महिलाओं को बताया जा रहा है कि दो गज की शारीरिक दूरी बनाए रखें। बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करें। प्रदूषण एवं भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में जाने से बचें। कुछ भी खाने से पहले हाथों की सफाई करें। अति आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और अपने आवास के आस-पास साफ-सफाई रखें। सीधे मिलने के बजाय संचार माध्यमों का उपयोग करें। व्यवहार में लाये जाने वाले कपड़ों को साफ रखें।

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