तहजीब सिखाने के नाम पर की गई हत्याएं? गिरजाघर के एक और स्कूल में मिली 182 कब्रें, बच्चे दफन

कुछ जानकारों का ये भी कहना था कि चर्च द्वारा संचालित स्कूल में सभ्य बनाने के नाम पर आदिवासी बच्चों की हत्याएं की गईं

अजब-गजब॥ एक कनाडाई स्वदेशी समुदाय ने बीते कल को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत (province of colombia) में क्रैनब्रुक के समीप एक पूर्व स्वदेशी आवासीय विद्यालय के करीब अज्ञात कब्रों में 182 लोगों के अवशेष मिलने की बात कही है।

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रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस कॉर्पोरल शेल्डन रॉब (Sheldon Robb) ने इस मामले पर सूचना देते हुए मीडिया को बताया कि कि हम इसे संदिग्ध मानते हुए इसकी जांच कर रहे हैं। स्वदेशी आवासीय स्कूलों में बच्चों के साथ हुए दुर्व्यवहार के लिए पोप फ्रांसिस को माफी माँगने के लिए भी कहा गया है।

कनाडा के सबसे बड़े स्वदेशी संस्था के अध्यक्ष ने बुधवार को कहा कि पोप फ्रांसिस (province of colombia) 2021 के अंत में स्वदेशी नेताओं के साथ मीटिंग करेंगे और कनाडा आने पर बात करेंगे। इसके साथ ही वह स्कूलों के संचालन में गिराजघर की भूमिका के लिए क्षमा माँगेंगे। कैनेडियन कॉन्फ्रेंस ऑफ कैथोलिक बिशप्स ने कहा कि पोप कनाडा के तीन सबसे बड़े स्वदेशी समूहों – फर्स्ट नेशंस, मेटिस और इनुइट के प्रतिनिधियों के साथ वेटिकन में अलग-अलग भेंट करेंगे।

इस साल दिसंबर में बैठकों की चार दिवसीय श्रृंखला के दौरान इसका समापन होगा। बिशप ने लिखा कि, ‘पोप फ्रांसिसी स्वदेशी लोगों से सीधे सुनने, अपनी हार्दिक निकटता प्रकट करने, उपनिवेशवाद के प्रभाव और आवासीय स्कूल प्रणाली में चर्च की भूमिका को संबोधित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

आपको अवगत करा दें कि ये इस तरह का तीसरा मामला है। हाल ही में कनाडा के एक आवासीय स्कूल से 751 बच्चों के अवशेष बरामद हुए थे। एक अफसर ने बताया था कि जांचकर्ताओं को इस आवासीय स्कूल के परिसर से 751 अज्ञात कब्रें पाई गईं थीं। आशंका जताई गई कि इनमें भी बच्चों के शव दफन हैं।

ट्रूथ एंड रिकॉन्सिलिएशन कमिशन ने 5 वर्ष पूर्व संगठन में बच्चों के साथ हुए दुर्व्यवहार पर विस्तृत रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया गया कि दुर्व्यवहार एवं लापरवाही की वजह से कम से कम 3200 बच्चों की मौत हो गई थी। कुछ जानकारों का ये भी कहना था कि चर्च द्वारा संचालित स्कूल में सभ्य बनाने के नाम पर आदिवासी बच्चों की हत्याएं की गईं, हालांकि, इस बारे में कोई प्रामाणिक तथ्य (authentic facts) सामने नहीं आए हैं।

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