बुधवार के दिन अवश्य पढ़ें गणेश जी की यह कथा, बन जायेंगे बिगड़े कार्य

नई दिल्ली: सबसे पहले पूजनीय भगवान गणेश को विघ्नों को दूर करने वाले देवता माने जाते हैं। कहा जाता है कि भगवान गणेश की कृपा अत्यंत लाभकारी होती है। भगवान गणेश की पूजा करने से भक्तों को कई लाभ मिलते हैं। भगवान गणेश की पूजा करने से न केवल बुद्धि और ज्ञान की वृद्धि होती है, बल्कि जीवन में आने वाली परेशानियां भी दूर होती हैं। इसे रखा जाता है। बुधवार की यह कहानी सभी मुसीबतों को खत्म करने वाली है।

पूजा के बाद पढ़ें यह कहानी
पौराणिक कथा के अनुसार मधुसूदन नाम के एक व्यक्ति का विवाह समतापुर शहर के समीप बलरामपुर की संगीता से हुआ था। एक बार मधुसूदन अपनी पत्नी को मायके से विदा करने की जिद पर अड़ा हुआ था।

आखिर कौन है असली पति
रास्ते में उसकी पत्नी को प्यास लगी तो मधुसूदन रथ से उतर कर पानी लेने चला गया। जब वह वापस लौटा तो देखा कि उसके जैसा ही एक आदमी अपनी पत्नी के साथ बैठा है। उसने हमशक्ल से पूछा कि वह कौन है? इस पर उन्होंने कहा कि वह मधुसूदन हैं और संगीता उनकी पत्नी हैं। दोनों के बीच शुरू हुआ झगड़ा

बुधवार को यात्रा करने पर भड़के बुद्धदेव
झगड़ा देखकर राजा के सिपाही वहां आ गए, उन्होंने संगीता से पूछा कि उनका असली पति कौन है, तो वह जवाब नहीं दे सकी, क्योंकि वह खुद दुविधा में थीं। इस पर सिपाहियों ने उसे राजा के दरबार में पेश किया। सारी बात सुनने के बाद राजा ने उन दोनों को जेल में डालने का आदेश दिया। परेशान मधुसूदन को याद आया बुधदेव, तभी आकाश की ओर से आवाज आई कि मधुसूदन! आपने अपने ससुर और उनके परिवार की नहीं सुनी, बुधवार को यात्रा की। यह सब भगवान बुद्धदेव के क्रोध के कारण हो रहा है। भगवान बुद्धदेव की बातें सुनकर मधुसूदन को अपनी भूल का अहसास हुआ। उन्होंने अपनी गलती के लिए भगवान से माफी मांगी और बुधवार को यात्रा नहीं करने का संकल्प लिया।