नई जांच टीम से फर्जीवाड़ा करने वालों के उड़े होश, हो सकती है बड़ी कार्रवाई

बड़े पैमाने पर किए जा रहे इस फर्जीवाड़े की जड़ें भी काफी गहरी हैं। फर्जीवाड़े ने जहां कई मिलरों की भूमिका पर सवाल उठाया है वहीं क्रय एजेंसी के जिम्मेदारो की शिथिलता पर भी।

महराजगंज।। किसानों के अभिलेखों का उपयोग कर फर्जीवाड़ा करने वालों के होश फाख्ता हैं। मुख्य अभियुक्त के हाथ मे आने के बाद जहां सहयोगियों ने बचने के लिए तरह-तरह का हथकंडा अपनाना शुरु कर दिया है वहीं जांच टीम ने भी जांच प्रारम्भ कर दी है। नई जांच टीम के गठित होने के बाद फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के होश फाख्ता हैं। हालांकि नई जांच टीम मामले में बड़ी कार्रवाई करने के मूड में है।

पुलिस ने मामले में कथित तौर पर मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। बड़े पैमाने पर किए जा रहे इस फर्जीवाड़े की जड़ें भी काफी गहरी हैं। फर्जीवाड़े ने जहां कई मिलरों की भूमिका पर सवाल उठाया है वहीं क्रय एजेंसी के जिम्मेदारो की शिथिलता पर भी। संभावना है कि इसके सहयोगियों व इससे जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकेगी। सूत्रों के मुताबिक फर्जीवाड़ा करने वालों पर गैंगेस्टर भी लग सकता है। जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने बताया कि जांच टीम से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। किसानों के नाम पर गड़बड़ी करने वालों व उनके सहयोगियों के प्रति कड़ी कार्रवाई होगी।

क्रय केंद्रों की भूमिका पर भी सवाल–

लंबे समय तक हुए इस फर्जीवाड़े से क्रय केंद्रों की भूमिका पर भी सवाल उठा है। बिना वास्तविक व्यक्ति के केंद्र पहुंचे की गई खरीद यह बताती है कि जिले में बड़े पैमाने पर खरीद से जुड़ा रैकेट सक्रिय है।

समिति ने शुरु की जांच–

प्रशासन द्वारा गठित सीडीओ गौरव सिंह सोगरवाल के नेतृत्व वाली समिति ने रविवार से अपनी जांच शुरु कर दी है। समिति के जांच से फर्जीवाड़े में शामिल लोगों में भय व्याप्त हो गया है।

मुख्य अभियुक्त के हाथ आने के बाद पुलिस की रफ्तार पड़ी धीमी–

फर्जीवाड़ा प्रकरण का खुलासा करने वाली टीम की रफ्तार अब सुस्त पड़ गई है। आमतौर पर मुख्य अभियुक्त के सामने आने के बाद जहाँ केस से जुड़े अन्य लोगों का भी पुलिस पता लगाकर नेटवर्क तोड़ने का कार्य करती है वहीं इस मामले में पुलिस खुलासे के बाद इसमें शामिल अन्य लोगों का पता लगाने को लेकर सुस्त सी पड़ी है।

पानी की तरह धन बहाए जाने की भी चर्चा–

मामला हाई प्रोफाइल न हो तथा इसे कम तरजीह दिया जाए इसके लिए घबराए एक संगठन के कुछ लोगों द्वारा पानी की तरह पैसा बहाए जाने की भी चर्चा है।

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