देश के कई राज्‍यों से अब मानसून की वापसी की तैयारी जानें अपने राज्य का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी होने वाली है। इस बार इसमें जबरदस्‍त देरी देखने को मिली है।

नयी दिल्ली: उत्तर-पश्चिम भारत से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी होने वाली है। इस बार इसमें जबरदस्‍त देरी देखने को मिली है। मौसम विभाग के मुताबिक इस देरी की वजह मानसून की सामान्‍य स्थिति और इसके लगातार गठन है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी के ऊपर बनने वाले दो साइक्‍लोन सर्कुलेशन भी रहा है। स्‍काईमेट के मुताबिक गुजरात और राजस्‍थान से मानसून जल्‍द ही विदा ले लेगा। हालांकि इन दोनों ही राज्‍यों में बारिश अब भी हो रही है। स्‍काईमेट के मुताबिक बिहार के ऊपर जो कम दबाव वाला क्षेत्र बना हुआ है वो धीरे-धीरे उत्‍तर-पूर्व दिशा की तरफ बढ़ने के बाद कमजोर हो जाएगा। वहीं दूसरी तरफ दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र भी बना हुआ है।

राजस्थान की ही बात करें तो इसके पश्चिमी हिस्से से इसकी वापसी की सामान्य तारीख 17 सितंबर थी। लेकिन यहां पर अब भी बारिश हो रही है। इसके अलावा गुजरात में भी बारिश हो रही है। अगले दो दिनों में भी यहां पर बारिश के आसार हैं। इसके बाद, राजस्थान के ऊपर बनने वाले एंटीसाइक्लोन की वजह से इसकी वापसी शुरू हो जाएगी।

माना जा रहा है कि 6 अक्टूबर तक इसकी वापसी राजस्थान से शुरू हो जाएगी। ऐसा ही कुछ गुजरात के साथ भी है। इसके अलावा 10 अक्‍टूबर के बाद मानसून की वापसी गोवा और महाराष्‍ट्र से हो जाएगी। वहीं 9 अक्टूबर तक पूरे मध्य प्रदेश से भी मानसून के वापस जाने की उम्मीद है। IMD के मुताबिक 6 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिम भारत से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल हैं।

हालांकि कुछ राज्‍यों में फसल की कटाई का काम शुरू भी हो चुका है। बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में कटाई में कुछ समय अभी बचा है। मानसून की वजह से कटाई पर तो प्रभाव पड़ेगा ही साथ ही कटाई में देरी की वजह से रबी की फसलों की बुवाई में भी देरी हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो वर्तमान हालातों को देखते हुए रबी की बुवाई के दौरान खेतों में पर्याप्त नमी रहेगी, जिसका फायदा किसानों को मिल सकता है। वहीं पूरी संभावना इस बात की भी है कि मटर और सरसों की बुवाई में देरी होगी।

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