अब यहां से भरा जायेगा पाकिस्तान का खाली खजाना, जनता को महंगाई से भी मिलेगी राहत

गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को अब जल्द ही अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। दरअसल आईएमएफ

पाकिस्तान। गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को अब जल्द ही अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। दरअसल आईएमएफ और पाकिस्तान के बीच बेलआउट पैकेज के तहत रुकी हुई धनराशि जारी करने को लेकर बातचीत आगे बढ़ने लगी है। इस बात की जानकारी दोनों पक्षों ने दी है।

PAKISTAN PM

एक रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान ने आईएमएफ के साथ साल 2019 में एक करार किया था जिसके अंतर्गत उसे छह अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज दिया जाना था लेकिन तय शर्तों का पालन न करने की वजह से आईएमएफ ने यह धनराशि बीच में ही रोक दी थी। ऐसे में अब तक पाकिस्तान को इस पैकेज से आधी ही धनराशि मिल पाई है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान द्वारा अब आईएमएफ की कई शर्तों का पालन करने को लेकर सहमति जताने के बाद रुकी हुई धनराशि जारी होने का रास्ता साफ हो गया है।

वहीं पाकिस्तान ने अब ये भी उम्मीद जताई है कि आईएमएफ इस बेलआउट पैकेज की रकम में भी इजाफा करेगा। आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि आईएमएफ की इन शर्तों के तहत पाकिस्तान पेट्रोलियम उत्पादों पर 50 रुपये प्रति लीटर का शुल्क लगाने पर सहमत हो गया है। इस शुल्क में पाकिस्तान अगस्त 2022 से धीरे-धीरे बढ़ोतरी करेगा।

रिपोर्ट में जिक्र किया गया है कि पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक सरकार ने प्रति वर्ष 15 करोड़ रुपये की आय करने वाली कंपनियों और लोगों पर एक फीसदी, सालाना 20 करोड़ की आय करने वालों पर दो फीसदी, सालाना 25 करोड़ की आय करने वालों पर तीन फीसदी और सालाना 30 करोड़ की आय करने वालों पर चार फीसदी का आयकर सहायता शुल्क (Income Support Levy) लगाने का निर्णय लिया है।

इधर पाकिस्तान में आईएमएफ की प्रतिनिधि एस्थर पेरेज रुइज का कहना है कि आगामी वर्षों में आर्थिक स्थिरता के लिए नीतियों को लेकर आईएमएफ अधिकारियों और सरकार के बीच बातचीत जारी रहेगी। वित्त वर्ष 2022-2023 के बजट को लेकर भी दोनों के बीच बातचीत हुई है।