पाकिस्तान को बड़ा आर्थिक झटका, इस संस्थान में ब्लैक किया लिस्ट , लेकिन बचाव में आया….

पाकिस्तान को बड़ा आर्थिक झटका लग सकता है, जिसके वजह से देश में हंगाम मच सकता है. आपको बता दें कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ( IMF ) ने कहा है कि एफएटीएफ द्वारा पाकिस्तान को ‘काली सूची’ में डालने की स्थिति में देश में पूंजी का प्रवाह प्रभावित हो सकता है।

गौरतलब है कि एफएटीएफ दुनियाभर में आतंकवाद के वित्त पोषण और मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखने वाली एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जिसका मुख्यालय पेरिस में है। इस संदर्भ में अपनी स्टाफ स्तर की रिपोर्ट में आईएमएफ ने कहा है कि एफएटीएफ द्वारा पाकिस्तान को काली सूची में डालने की स्थिति में देश में पूंजी का प्रवाह रुक जाएगा। इतना ही नहीं, देश में निवेश भी नीचे आएगा।

वहीँ इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में आईएमएफ के कार्यक्रम के समक्ष घरेलू और बाहरी कारणों, दोनों की वजह से जोखिम है। साथ ही इस साल अक्तूबर में पाकिस्तान को वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) ने फरवरी 2020 तक ग्रे लिस्ट में डाला है। एफएटीएफ ने पाकिस्तान को आगाह किया है कि अगर वह 27 प्रश्नों की सूची में शेष 22 बिंदुओं का अनुपालन करने में विफल रहता है, तो पाकिस्तान को काली सूची में डाल दिया जाएगा।

आपको बता दें कि छह दिसंबर को पाकिस्तान ने 22 सवालों पर अपने जवाब एफएटीएफ को सौंपे थे। वहीं सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी वित्त मंत्रालय को एफएटीएफ से एक प्रश्नावली मिली है, जिसमें 150 सवालों का जवाब मांगा गया है। इस महीने की शुरुआत में एफएटीएफ ने पाकिस्तान से 22 सवालों के जवाब मांगे थे। इस्लामाबाद की ओर से पेश अनुपालन रिपोर्ट पर अब एफएटीएफ ने 150 और सवालों के जवाब मांगे हैं।

वहीं एफएटीएफ की बैठक अगले साल फरवरी में होनी है, जिसमें यह तय होगा कि पाकिस्तान को काली सूची में डाला जाए या नहीं। पाक को उम्मीद है कि अगली बैठक में भी उसे काली सूची में डालने का फैसला टल जाएगा और जून, 2020 तक की नई मियाद मिल जाएगी।

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