विज्ञापन गुरु के नाम से ऐसे मशहूर हुए प्रसून जोशी कल मनाएंगे 52वां जन्मदिन, इन हिट फिल्मों की कहानी भी लिखी

कवि, लेखक, पटकथा लेखक और गीतकार के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले प्रसून जोशी का जन्म 16 सितंबर 1968 को उत्तराखंड में हुआ था

सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष और विज्ञापन गुरु के नाम से मशहूर प्रसून जोशी 16 सितंबर को अपना 52वां जन्मदिन मनाएंगे। कवि, लेखक, पटकथा लेखक और गीतकार के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले प्रसून जोशी का जन्म 16 सितंबर 1968 को उत्तराखंड में हुआ था। प्रसून ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा उत्तराखंड में पूरी की।

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एमएससी की पढ़ाई मेरठ से पूरी करने के बाद प्रसून ने गाजियाबाद स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से एमबीए किया। इसके बाद प्रसून विज्ञापन के क्षेत्र में करियर बनाने में लग गए। उन्होंने सबसे पहले दिल्ली में ओग्लिवी एंड मैथर कंपनी के साथ विज्ञापन के क्षेत्र में दस साल तक काम किया।

वहीँ इसके बाद उन्होंने एशियन पेंट्स, कोका कोला, कैडबरी, क्लोजअप जैसी कई बड़ी कंपनियों के लिए विज्ञापन तैयार किया। प्रसून ने कई विज्ञापन के लिए पंचलाइन लिखे हैं। प्रसून जोशी के लिखी लगभग सभी पंचलाइन  को पसंद किया गया। विज्ञापन क्षेत्र में उनके दिए महत्वपूर्ण रचनात्मक योगदान के कारण उन्हें ‘विज्ञापन गुरु’ की उपाधि मिल गई।

दस साल तक विज्ञापन के क्षेत्र में काम करने के बाद उन्होंने बॉलीवुड का रुख किया। प्रसून जोशी को विज्ञापन क्षेत्र का सर्वोच्च पुरस्कार एबीबीवाई और कान लॉयन अवॉर्ड मिला से सम्मानित किया गया। वह सिंगिग रियलिटी शो ‘धूम मचा दे’ में जज के रूप में भी नजर आएं।

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित

उन्होंने बॉलीवुड की कई हिट फिल्मों के लिए गीत लिखे हैं, जिनमें कौन डगर, कौन शहर(लज्जा), लुका छिपी बहुत हुई (रंग दे बसंती), सांसों को सांसों में ढलने दो (हम-तुम), तारे जमीं पर (तारे जमीं पर), मेरे हाथ में तेरा हाथ हो (फना), ससुराल गेंदा फूल (दिल्ली 6) आदि शामिल हैं।

प्रसून ने आमिर खान अभिनीत 2006 में आई फिल्म ‘रंग दे बसंती’ के डायलॉग्स और 2013 में आई फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ की स्क्रिप्ट लिखी। प्रसून वर्तमान में सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेश के चेयरमैन हैं। प्रसून जोशी को तीन बार फिल्मफेयर के सर्वश्रेष्ठ गीतकार के पुरस्कार और दो बार सर्वश्रेष्ठ गीतकार का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

प्रसून को 2015 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। प्रसून को कविताएं लिखने का शौक है। उन्होंने 17 साल की उम्र में ही अपनी पहली किताब लिखी जिसका नाम ‘मैं और वो’ था। बहुमुखी प्रतिभा के धनी प्रसून जोशी की निजी जिंदगी की बात करें तो प्रसून जोशी की पत्नी का नाम अर्पणा जोशी है और उनकी एक बेटी भी है, जिसका नाम सान्या जोशी है।

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