एयरपोर्ट स्कैनर भी रह गया नाकाम, कुवैत से आ रहे ₹1.74 करोड़ के सोने की तस्करी का ये तरीका देख उड़ गए पुलिस के होश
राजस्थान के डूंगरपुर जिले से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की तस्करी (Gold Smuggling) का एक ऐसा सनसनीखेज और हैरतअंगेज मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। यहां पुलिस की जिला विशेष टीम (DST) ने सोने की तस्करी करने वाले एक बेहद शातिर रैकेट का भंडाफोड़ किया है। कुवैत से भारतीय सरहदों के पार छुपाकर लाए जा रहे करीब पौने दो करोड़ रुपये के अवैध सोने को पुलिस ने बरामद करने में सफलता हासिल की है। तस्करों ने इस बेशकीमती सोने को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर लगे हाई-टेक एक्स-रे स्कैनर्स से बचाने के लिए जो खुफिया तरीका अपनाया था, उसे देखकर पुलिस और कस्टम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी अपना सिर पकड़ने पर मजबूर हो गए।
मुखबिर की सटीक सूचना पर लेहणा घाटी में बिछाया गया जाल
यह पूरी कार्रवाई डूंगरपुर के बीछीवाड़ा थाना इलाके में अंजाम दी गई। पुलिस की स्पेशल टीम (DST) को अपने खास मुखबिर से एक पुख्ता और बेहद गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि कुवैत से अवैध तरीके से लाया गया भारी मात्रा में सोना लेकर कुछ तस्कर गुजरात के रास्ते राजस्थान की सीमा में दाखिल होने की फिराक में हैं। जानकारी मिलते ही एक्टिव हुई डीएसटी टीम ने बिना वक्त गंवाए बीछीवाड़ा इलाके के लेहणा घाटी के पास कड़े पहरे के साथ नाकाबंदी कर दी। इसी दौरान पुलिस को गुजरात की तरफ से आती हुई एक संदिग्ध अर्टिगा कार दिखाई दी, जिसे तुरंत रोक लिया गया।
कार सवार युवकों की घबराहट ने खोल दी तस्करों की पोल
अर्टिगा कार को रुकवाने के बाद पुलिस ने जब उसमें सवार तीन युवकों से पूछताछ शुरू की, तो उनके चेहरे का रंग उड़ गया। कार में राजपाल सिंह, प्रवेश पाटीदार और प्रदीप पाटीदार नाम के तीन युवक सवार थे, जो मूल रूप से राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के रहने वाले हैं। पुलिस के तीखे सवालों के सामने तीनों बुरी तरह घबरा गए और कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। उनके इस संदिग्ध बर्ताव को देखकर पुलिस का शक यकीन में बदल गया। इसके बाद पुलिस टीम तीनों आरोपियों और उनकी कार को सुरक्षा के बीच बीछीवाड़ा थाने ले आई ताकि गहराई से जांच की जा सके।
इंडक्शन चूल्हे को खोला तो फटी रह गई पुलिस की आंखें, स्प्रिंग की शेप में ढाला था सोना
थाने लाकर जब कार की सघनता से तलाशी ली गई, तो गाड़ी के अंदर से एक सामान्य सा दिखने वाला बॉक्स बरामद हुआ। इस बॉक्स को खोलने पर उसके अंदर से एक घरेलू इस्तेमाल होने वाला इलेक्ट्रॉनिक इंडक्शन चूल्हा निकला। पहली नजर में सब कुछ बिल्कुल नॉर्मल लग रहा था, लेकिन जैसे ही पुलिस ने शक के आधार पर उस चूल्हे के पुर्जों को खोलना शुरू किया, तो अंदर का नजारा देखकर सबकी आंखें फटी की फटी रह गईं। तस्करों ने एयरपोर्ट सिक्योरिटी और कस्टम के एडवांस एक्स-रे स्कैनर को चकमा देने के लिए शातिराना दिमाग लगाया था। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक चूल्हे के अंदर लगी हीटिंग कॉइल यानी मेटल की स्प्रिंग की हूबहू शेप में सोने को पिघलाकर ढाल दिया था। इतना ही नहीं, स्कैनर की किरणों से सोने की चमक को छिपाने के लिए उस पर कार्बन की एक मोटी परत (कवर) भी चढ़ाई गई थी। लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने तस्करों की इस आधुनिक चालाकी को नाकाम कर दिया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में 1 करोड़ 74 लाख से ज्यादा है जब्त सोने की कीमत
पकड़े गए इस अनोखे सोने को जब कानूनी प्रक्रिया के तहत इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर बेहद बारीकी से तोला गया, तो इसका कुल वजन 1 किलो 77.840 ग्राम दर्ज किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस शुद्ध सोने की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 74 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने बरामद किए गए सोने और तस्करी में इस्तेमाल की गई अर्टिगा कार को तुरंत जब्त करते हुए तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। इस बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट की कड़ियों को जोड़ने के लिए डूंगरपुर पुलिस ने जीएसटी (GST), कस्टम विभाग और आयकर विभाग को भी आधिकारिक तौर पर सूचित कर दिया है ताकि इस अवैध खेल के पीछे छिपे बड़े मास्टरमाइंड्स तक पहुंचा जा सके।
जिला पुलिस कप्तान की जनता से खास अपील, 'तीसरी आंख' पर दें सूचना
जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के कुशल निर्देशन में हुई इस बड़ी और कामयाब कार्रवाई ने तस्करों के पूरे नेटवर्क को हिलाकर रख दिया है। इस सफलता के बाद पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी एक बेहद जरूरी अपील की है। पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि अगर आपके आसपास या क्षेत्र में कोई भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि जैसे नशा, तस्करी या जुआ हो रहा हो, तो आप पुलिस के विशेष 'तीसरी आंख' मोबाइल नंबर 8690180022 पर इसकी सीधी जानकारी दे सकते हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले किसी भी नागरिक का नाम और पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।