राजस्थान में तबादलों पर 'ब्रेक': 5 हजार शिक्षकों के ट्रांसफर पर संशय, सरकार ने बढ़ाई 10 जुलाई तक की डेडलाइन

राजस्थान में तबादलों पर 'ब्रेक': 5 हजार शिक्षकों के ट्रांसफर पर संशय, सरकार ने बढ़ाई 10 जुलाई तक की डेडलाइन

राजस्थान में तबादलों के मौसम के बीच शिक्षा विभाग से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल के लिए चल रही तबादला नीति में अहम बदलाव करते हुए इसकी अवधि को 10 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया है। इस दौरान जहां कई विभागों में तबादलों का दौर जारी है, वहीं शिक्षा विभाग के करीब 5 हजार शिक्षकों के प्रस्तावित तबादलों को लेकर स्थिति काफी पशोपेश भरी बनी हुई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ट्राइबल (आदिवासी) और नॉन-ट्राइबल क्षेत्रों के बीच होने वाले स्थानांतरणों पर फिलहाल रोक बरकरार रहेगी, जिससे हजारों शिक्षकों की उम्मीदों को झटका लगा है।

CMO की मंजूरी के बिना नहीं होगा एक भी ट्रांसफर

राज्य सरकार ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तबादलों की पूरी प्रक्रिया को मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अधीन कर दिया है। अब किसी भी विभाग की तबादला सूची तब तक जारी नहीं हो सकेगी, जब तक उसे CMO से औपचारिक मंजूरी न मिल जाए। इस सख्ती के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य मनमाने तबादलों पर रोक लगाना और प्रशासनिक कामकाज की निरंतरता को बनाए रखना है। कार्मिक विभाग ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तबादले केवल अत्यंत आवश्यक प्रशासनिक कारणों या कर्मचारी की स्वैच्छिक इच्छा पर ही किए जाएं।

ट्राइबल क्षेत्रों पर विशेष फोकस और शिक्षकों की मायूसी

तृतीय श्रेणी शिक्षकों (Level-1 और Level-2) के लिए सरकार का रुख पहले से ही काफी सख्त रहा है। ट्राइबल (TSP) और नॉन-ट्राइबल (Non-TSP) क्षेत्रों में शिक्षकों के असंतुलित अनुपात को देखते हुए सरकार ने इन इलाकों में तबादलों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। विभाग का तर्क है कि यदि इन क्षेत्रों से बड़े पैमाने पर शिक्षकों को हटाया गया, तो वहां शिक्षा व्यवस्था चरमरा सकती है। यही कारण है कि अपनी पोस्टिंग बदलने की बाट जोह रहे करीब 5 हजार शिक्षकों के लिए राहत की खबर अब तक नहीं आई है और उन्हें 10 जुलाई तक का इंतजार करना होगा।

सरकार की रणनीति: 'अनावश्यक' तबादलों से परहेज

तबादलों की खिड़की बढ़ने के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार किसी भी तरह की जल्दबाजी के मूड में नहीं है। अनावश्यक और थोक भाव में होने वाले तबादलों पर लगाम लगाने के लिए अब सरकार टुकड़ों में सूचियां जारी कर रही है। जिन कर्मचारियों की तैनाती वर्षों से एक ही स्थान पर है या जिनकी प्रशासनिक आवश्यकता है, केवल उन्हीं के मामलों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। कुल मिलाकर, राजस्थान का शिक्षा विभाग और अन्य सरकारी तंत्र अभी 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में है और 10 जुलाई के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि तबादलों का यह सिलसिला किस दिशा में आगे बढ़ता है।

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