जयपुर में परीक्षा लीक गैंग का भंडाफोड़! पैरामेडिकल एग्जाम में नकल के लिए वसूले ₹18,500, HOD समेत 4 गिरफ्तार

जयपुर में परीक्षा लीक गैंग का भंडाफोड़! पैरामेडिकल एग्जाम में नकल के लिए वसूले ₹18,500, HOD समेत 4 गिरफ्तार

राजस्थान में प्रतियोगी और शैक्षणिक परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के सख्त दावों के बीच जयपुर पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. राजधानी के खोरा बीसल थाना पुलिस ने पैरामेडिकल परीक्षाओं (Paramedical Exams) के दौरान बड़े पैमाने पर नकल और धांधली कराने की एक शातिर साजिश को बेनकाब किया है. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस रैकेट से जुड़े 4 मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है, जो छात्रों से मोटी रकम वसूलकर उन्हें अनुचित तरीके से पास कराने का ठेका ले चुके थे.

₹5.5 लाख का हुआ था सौदा, सेटिंग वाले वीक्षकों से करानी थी नकल

जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के वेस्ट जोन के डीसीपी प्रशांत किरण के मुताबिक, 29 जून से शुरू हुई पैरामेडिकल परीक्षा के लिए जयपुर के 'प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज' को परीक्षा केंद्र (Exam Center) बनाया गया था. जांच में पता चला कि झुंझुनूं के 'एस. करन कॉलेज' के पैरामेडिकल विभाग के एचओडी (HOD) कृष्ण कुमार सैनी और लेक्चरर शंकर लाल जाट ने परीक्षा केंद्र के संचालकों के साथ मिलकर एक बड़ा नेक्सस तैयार किया था.

इस गैंग ने करीब 40 से 45 छात्रों को परीक्षा में पास कराने के लिए साढ़े पांच लाख रुपये का एकमुश्त सौदा किया था. योजना के मुताबिक, परीक्षा हॉल में ऐसे इनविजिलेटर्स (वीक्षकों) की ड्यूटी लगवाई जानी थी जो इनके इशारे पर छात्रों को खुलकर नकल करा सकें. इसके एवज में हर एक छात्र से तीन पेपरों के बदले 18,500 रुपये की अवैध वसूली की गई थी.

झुंझुनूं के कॉलेज HOD और परीक्षा केंद्र के संचालक गिरफ्तार

पुलिस ने जाल बिछाकर इस पूरी साजिश को परीक्षा शुरू होने से पहले ही फेल कर दिया. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने निम्नलिखित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है:

  • कृष्ण कुमार सैनी (एचओडी, एस. करन कॉलेज, झुंझुनूं)

  • शंकर लाल जाट (लेक्चरर, एस. करन कॉलेज, झुंझुनूं)

  • रामकृष्ण मंडीवाल (संचालक, प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज)

  • देवकृष्ण मंडीवाल (सह-संचालक, प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज)

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस को कई स्मार्टफोन और डायरियां बरामद हुई हैं. इन डायरियों में पैसे देने वाले छात्रों के नाम, वसूली गई रकम का पूरा लेखा-जोखा और मोबाइल में एडमिट कार्ड की पीडीएफ (PDF) जैसे पुख्ता और अहम सबूत मिले हैं.

कोर्ट ने 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा, होंगे और बड़े खुलासे

डीसीपी प्रशांत किरण ने बताया कि चारों आरोपियों को जयपुर के एसीजीएम थर्ड महानगर द्वितीय कोर्ट (ACGM Third Court) में पेश किया गया, जहां से माननीय अदालत ने इन सभी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है.

पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है. जांच अधिकारियों को उम्मीद है कि इस रैकेट के तार राज्य के अन्य पैरामेडिकल कॉलेजों और परीक्षा केंद्रों से भी जुड़े हो सकते हैं, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है. हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के चलते इस बार परीक्षा की शुचिता भंग होने से पहले ही मामला पकड़ में आ गया.

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