Rakshabandhan : भाई को राखी बांधते समय करें इस मंत्र का जाप, मिलेगा मनवांछित लाभ

 आगामी 22 अगस्त को रक्षा बंधन का पर्व है। इस पर्व पर बहनें अपने भाई को राखी बांधती हैं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करती है।

आगामी 22 अगस्त को रक्षा बंधन का पर्व है। इस पर्व पर बहनें अपने भाई को राखी बांधती हैं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करती है। रक्षाबंधन के दिन शुभ मुहूर्तकाल में भाई को राखी बांधते समय बैठने की दिशा और उपयुक्त मंत्र का उच्चारण बेहद जरूरी होता है। सही विधि से रक्षासूत्र बांधने से भाई-बहन दोनों को मनवांछित फल मिलता है। बहन अगर अपने भाई को राखी बांध रही हैं तो भाई को पूर्वाभिमुख, पूर्व दिशा की ओर बिठाएं। वहीं बहन का मुंह पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए। इसके बाद भाई के माथे पर रोली, चंदन और अक्षत का तिलक करना चाहिए। इसके बाद उसके दाहिने हाथ पर रक्षा सूत्र बांधे और इसके बाद मिठाई खिलाये और आरती करें। इस दौरान बहन को रक्षा मंत्र भी पढ़ना चाहिए क्योंकि शास्त्रों के अनुसार रक्षा सूत्र बांधते हुए मंत्र करना बेहद फलदायक होता है।

Rakshabandhan

ये है मंत्र

येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:।
तेन त्वां अभिबन्धामि रक्षे मा चल मा चल।।
आप शिष्य या शिष्या अपने गुरु को रक्षासूत्र बांध रहे हैं तो उसके लिए अलग मंत्र है.
येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:।
तेन त्वां रक्षबन्धामि रक्षे मा चल मा चल ||

इस वर्ष शुभ मुहूर्त पूर्णिमा तिथि को शनिवार, 21 अगस्त 2021 की शाम 07 बजे से शुरू होकर रविवार, 22 अगस्त 2021 को शाम 05.31 बजे पूरा होगा। आप 22 अगस्त के दिन प्रात: 06.15 बजे से शाम 05.31 बजे के बीच भाई को कभी भी राखी बांध सकती हैं। इस बार राखी बांधने के लिए करीब सवा 11 घंटे का समय मिलेगा।शत्रुओं की शांति के लिए रक्षाबंधन को हनुमानजी को चोला चढ़ाकर मोतीचूर के लड्डू और गुड़ का प्रसाद अर्पित करना चाहिए। प्रभु को लाल गुलाब फूल चढ़ाने से शत्रुओं का डर दूर हो जाता है।

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