टूटा हुआ शीशा आज ही घर से हटा दें, नहीं तो होगा नुकसान

नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र को निर्माण का विज्ञान माना जाता है। सामंजस्यपूर्ण ढंग से निर्मित और सजाया गया घर सुख, स्वास्थ्य, धन और सौभाग्य लाता है। घर में क्या रखा जाए और क्या नहीं, यह हमेशा से ही एक सवाल रहा है। यह एक प्रचलित मान्यता है कि यदि आप अपने घर और उसमें मौजूद चीजों को वास्तु टिप्स के अनुसार रखते हैं, तो आपके जीवन में निश्चित रूप से खुशियां आएंगी। आज हम आपको बताएंगे कि अगर आपके घर में कपट से शीशा या उससे बनी कोई चीज टूट जाती है तो उसे तुरंत हटा देना चाहिए क्योंकि यह अशुभता का संकेत माना जाता है।

भारतीय वास्तु शास्त्र में कांच को सबसे महत्वपूर्ण चीज माना गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार शीशा लगाना चाहिए। आईना हमेशा सच दिखाता है। वह हमेशा उनके सामने वस्तु या व्यक्ति की वास्तविकता दिखाता है। दर्पण ईमानदार होते हैं क्योंकि वे कभी कुछ नहीं छिपाते। इसलिए कहा जाता है कि आईना कभी झूठ नहीं बोलता। वास्तु के अनुसार टूटा हुआ दर्पण अशुभ माना जाता है।

आपने अक्सर सुना होगा कि घर के बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि टूटे शीशे को हटा दो, टूटी हुई मूर्तियों को हटा दो। इसके पीछे एक कारण है, वह कारण वास्तु शास्त्र में बताया गया है। वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे घर में टूटा या खराब शीशा नहीं रखने की। वैसे तो घर में शीशा लगाना शुभ होता है, लेकिन टूटा हुआ या खराब शीशा अशुभ फल देता है। ऐसा दर्पण घर में रखने से सकारात्मक कंपन कम होता है और नकारात्मक कंपन बढ़ता है क्योंकि टूटे हुए दर्पण पर पड़ने वाली रोशनी नकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है जो सीधे घर के सदस्यों को प्रभावित करती है। शीशा टूटा हो तो उसे घर से बाहर फेंक देना चाहिए। जब कोई शीशा अचानक टूट जाए तो इसका मतलब है कि इस शीशे पर घर में कोई बड़ी मुसीबत टल गई है, इसलिए उसे बाहर फेंक देना चाहिए।