पंजाबी भाषा के साथ अनदेखी करना बंद करे सरकार: सरदार हरजीत सिंह

सरकार ने पंजाबी भाषा बोलने वाले लोगों के साथ भेदभाव वाली नीति अपनाई है।

मीरा साहिब॥ पंचायत खारिया के पूर्व पंच तथा समाज सेवक सरदार हरजीत सिंह ने बुधवार को सरकार से मांग की है कि जम्मू कश्मीर में पंजाबी भाषा को अधिकारिक तौर पर लागू किया जाना चाहिए।

मीरा साहिब क्षेत्र में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान पूर्व पंचायत सरदार हरजीत सिंह ने कहा कि सरकार ने जम्मू कश्मीर में पंजाबी भाषा को अधिकारिक तौर पर लागू ना कर सिख समुदाय के साथ साथ उन लोगों के साथ भी भेदभाव किया है जो पंजाबी भाषा को बोलते व पढ़ते हैं। उन्होंने सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर में 5 भाषाओं को अधिकारिक तौर पर लागू किए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि सरकार ने पंजाबी भाषा बोलने वाले लोगों के साथ भेदभाव वाली नीति अपनाई है।

सरदार हरजीत सिंह ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर में जल्द से जल्द पंजाबी भाषा को अधिकारिक रूप से दर्जा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाबी भाषा जम्मू कश्मीर के हर एक संभाग में बोली जाने वाली भाषा है ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द संशोधन लाते हुए पंजाबी भाषा को भी जम्मू-कश्मीर में अधिकारिक रूप से दर्जा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में उनका एक प्रतिनिधिमंडल जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल से भी मुलाकात करेगा और अपनी इस मांग को उनके समक्ष रखेगा। इस मौके पर उनके साथ अन्य लोग भी मौजूद रहे।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *