Sewa Diwas आयोजित कर कुष्ठ रोगियों को दी गयी सेल्फ केयर किट

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कसया पर सेवा दिवस आयोजित कर कुष्ठ रोगियों को शरीर की सुरक्षा के बारे में जानकारी दी गयी। इसके साथ ही...

कुशीनगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कसया पर सेवा दिवस आयोजित कर कुष्ठ रोगियों को शरीर की सुरक्षा के बारे में जानकारी दी गयी। इसके साथ ही उन्हें सेल्फ केयर किट भी प्रदान की गयी। कार्यक्रम में जिला कुष्ठ परामर्शदाता डाॅ.विनोद कुमार मिश्रा ने कुष्ठ दिव्यांगों को उनके शरीर के बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

Leprosy Patient

उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोगी को इस बात पर विशेष ध्यान देना चाहिए कि उनके शरीर पर घाव न होने पाएं। यदि मरीज की हथेलियां सुन्न हों तो उन्हें खाना पकाने, गर्म वस्तु पकड़ने अथवा कुदाल आदि चलाने से पूर्व उसे कपड़े से पकड़ना चाहिए। ताकि उनके हाथों में झलका न पड़े। यदि पैर के तलवे सुन्न हों तो उसे जलने अथवा चोट लगने से बनने वाले घाव से बचाना चाहिए।

कुष्ठ रोग से जुडी भ्रांतियों के बारे में बताया कि समाज में अब भी कुछ लोगों में अंधविश्वास है कि वंशानुगत कारणों, अनैतिक आचरण, अशुद्ध रक्त, खान-पान की गलत आदतें जैसे दूध-मछली खाने, टोना-टोटका, श्राप आदि कारणों से कुष्ठ रोग होता है जो कि पूर्णतया गलत है।

कुष्ठ रोग एक जीवाणु माइको बैक्टीरियम लेप्रे के द्वारा होता है, जो मरीज के छींकने खाँसने, साँस आदि के माध्यम से फैलता है। कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों पर हल्के अथवा ताँबा के रंग के चकत्ते हो जाते हैं, जिसमें सुन्नपन होता है, उस स्थान पर सुई चुभने पर भी मनुष्य किसी प्रकार का कोई दर्द महसूस नहीं करता । इसके अलावा यदि हथेली अथवा पैर के तलवों में भी सुन्नपन हो रहा है, वहाँ पर होने वाले घाव भी शीघ्रता से नहीं भरता तो कुष्ठ रोग की जांच अवश्य करानी चाहिए।

यदि कुष्ठ रोग का उचित समय पर उपचार न किया गया तो इससे शरीर के प्रभावित अंगो में दिव्यांगता हो सकती है। कुष्ठ रोग का उपचार मल्टी ड्रग थिरैपी( एमडीटी) के द्वारा संभव है। कुष्ठ रोग का इलाज छह माह से बारह माह तक चल सकता है। कुष्ठ रोग से प्रभावित दिव्यांग पात्र व्यक्ति को 3000 रूपए मासिक पेंशन की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाती है।

फिजियोथिरेपिस्ट प्रदीप गुप्ता ने सुन्न पैर वाले मरीजों को नियमित रूप से चिकित्सा तथा एमसीआर चप्पल को नियमित रूप से पहनने की सलाह दी तथा मरीजों को इसका अभ्यास भी कराया। इस अवसर पर एनएमएस आरडी सिंह, दिनेश कुशवाहा ने भी अपना विचार व्यक्त किया।