Shiva Damru Benefit: जिस घर में होता है शिव डमरू, वहां कभी नहीं रहती निगेटिव एनर्जी, मिलते हैं ये 4 फायदे

त्रिकालदर्शी भगवान भोलेनाथ को सभी देवों में सर्वशक्तिशाली, सरल और दयावान स्वभाव का माना जाता है। शिवपुराण में बताया गया है कि भगवान शिव जो वस्तुएं...

त्रिकालदर्शी भगवान भोलेनाथ को सभी देवों में सर्वशक्तिशाली, सरल और दयावान स्वभाव का माना जाता है। शिवपुराण में बताया गया है कि भगवान शिव जो वस्तुएं धारण करते हैं जैसे गले में सर्प, मस्तक पर चंद्रमा, जटाओं में गंगा, हाथ में त्रिशूल और डमरू। इन सबको भगवान भोलेनाथ के धारण करने के पीछे कुछ वजह भी है। आज हम आपको बताएंगे भगवान भोलेनाथ के साथ हमेशा नजर आने वाले त्रिशूल और डमरू के महत्व और लाभ के बारे में।

Shiva Damru

धार्मिक मान्यता है कि सृष्टि की रचना के समय जब विद्या और संगीत की देवी सरस्वती अवतरित हुईं तो उनकी वाणी से ध्वनि जो निकली थी हुई वह उस समय सुर व संगीत रहित थी। उस वक्त भगवान शिव ने 14 बार डमरू और अपने तांडव नृत्य से संगीत की उत्पति की थी तभी से शिव जी को संगीत का प्रवर्तक माना जाने लगा।

घर में डमरू रखने के लाभ

  • ज्योतिषी बताते हैं कि अगर घर में डमरू बजाकर शिव स्तुति की जाती है तो घर में कभी भी कोई अमंगल नहीं होता। शिव डमरू की ध्वनि से नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती है और हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता रहता है।
  • कहते हैं बच्चों के कमरे में डमरू रखने से उन पर किसी भी तरह की निगेटिव एनर्जी का प्रभाव नहीं पड़ता और उनकी प्रगति में कोई बाधा नहीं आती है।
  • मान्तया है कि शिव डमरू से बहुत ही चमत्कारी मंत्रों का उच्चारण होता है, इसकी ध्वनि से बीमारियों से लड़ने की शक्ति भी प्राप्त होगी है।
  • शिव डमरू की ध्वनि इतनी शक्तिशाली होती है कि ये तनाव को कमकरती है मन को भी शांत करती है।

त्रिशूल

त्रिशूल को रज, तम और सत गुण का प्रतीक भी माना जाता है। मान्यता है कि इन्हीं तत्वों से मिलकर भगवान शिवजी का त्रिशूल बना है। महाकाल शिव के त्रिशूल के आगे सृष्टि की किसी भी शक्ति का कोई अस्तित्व नहीं है। कहते है घर में भगवान शिव का प्रिय त्रिशूल स्थापित करने से हर प्रकार की बुरी शक्तियों का नाश होता है और घर में सकारात्मकता बनी रहती है।