फीफा वर्ल्ड कप में महा-उलटफेर! 4 बार की चैंपियन जर्मनी टूर्नामेंट से बाहर, पैराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में तोड़ा 50 साल पुराना ऐतिहासिक रिकॉर्ड

फीफा वर्ल्ड कप में महा-उलटफेर! 4 बार की चैंपियन जर्मनी टूर्नामेंट से बाहर, पैराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में तोड़ा 50 साल पुराना ऐतिहासिक रिकॉर्ड

फीफा विश्व कप 2026 (FIFA World Cup 2026) से फुटबॉल जगत को स्तब्ध कर देने वाली सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है. चार बार की विश्व विजेता और फुटबॉल की महाशक्ति मानी जाने वाली जर्मनी की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई है. राउंड ऑफ 32 (Round of 32) के एक बेहद रोमांचक और सांसें रोक देने वाले मुकाबले में फीफा रैंकिंग में 41वें स्थान पर मौजूद पैराग्वे ने 10वें नंबर की जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से शिकस्त देकर इतिहास रच दिया.

फॉक्सबोरो के जिलेट स्टेडियम (बोस्टन) में खेला गया यह नॉकआउट मैच निर्धारित समय और 30 मिनट के अतिरिक्त समय (Extra Time) के बाद 1-1 की बराबरी पर छूटा था, जिसके बाद पेनल्टी शूटआउट से मैच का फैसला हुआ.

टूट गया जर्मनी का कभी न हारने का 'अमर' रिकॉर्ड

फुटबॉल इतिहास में जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट का बेताज बादशाह माना जाता था. इस मैच से पहले तक जर्मनी फीफा विश्व कप के इतिहास में कभी भी पेनल्टी शूटआउट में नहीं हारा था. लेकिन बोस्टन के मैदान पर पैराग्वे के जुझारू खिलाड़ियों ने जर्मनी के इस अजेय रिकॉर्ड को मटियामेट कर दिया. साल 1992 में फीफा रैंकिंग (FIFA Ranking) की शुरुआत होने के बाद से इसे वर्ल्ड कप नॉकआउट चरण का चौथा सबसे बड़ा उलटफेर माना जा रहा है, क्योंकि दोनों टीमों के बीच रैंकिंग में 31 स्थानों का भारी अंतर था.

120 मिनट का रोमांच: VAR ने पलटा पासा

मैच की शुरुआत से ही पैराग्वे ने आक्रामक रुख अपनाया. खेल के 42वें मिनट में ही पैराग्वे ने शानदार गोल दागकर 1-0 की बढ़त बना ली, जो हाफ-टाइम तक बरकरार रही. दूसरे हाफ में जर्मन टीम ने वापसी के लिए पूरा जोर लगाया और 54वें मिनट में स्टार खिलाड़ी काई हावर्ट्ज़ (Kai Havertz) ने एक बेहतरीन हेडर के जरिए गोल दागकर जर्मनी को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया.

अतिरिक्त समय के दौरान जोनाथन टाह (Jonathan Tah) ने गेंद को जाल में डालकर जर्मनी को जिता ही दिया था, लेकिन रेफरी ने वीएआर (VAR Check) की मदद ली और गोल को ऑफसाइड करार देते हुए रद्द कर दिया.

शूटआउट का ड्रामा: नेउर भी नहीं बचा सके मैच

कागजों पर और मैदान पर अनुभवी गोलकीपर मैनुअल नेउर (Manuel Neuer) की मौजूदगी के कारण जर्मनी का पलड़ा भारी लग रहा था. लेकिन शूटआउट की शुरुआत ही जर्मनी के लिए बेहद खराब रही जब पहली ही पेनल्टी पर काई हावर्ट्ज़ चूक गए. इसके बाद चौथे प्रयास में निक वोल्टेमाडे और छठे व निर्णायक मौके पर जोनाथन टाह भी गोल करने में नाकाम रहे.

पैराग्वे की ओर से भी एंटोनियो सनाब्रिया और फैबियन बाल्बुएना अपनी पेनल्टी चूक गए थे, लेकिन अंत में जोस कैनाले (Jose Canale) ने कोई गलती नहीं की और विजयी पेनल्टी दागकर पैराग्वे को फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी और यादगार नॉकआउट जीत दिला दी. यह पैराग्वे की विश्व कप इतिहास में पेनल्टी शूटआउट के जरिए दूसरी जीत है; इससे पहले उन्होंने 2010 में जापान को मात दी थी.

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