दो टुकड़े होने के बाद भी ट्रेन से आत्महत्या करने वाला जीवित

शाहजहांपुर जिले में कथित रूप से आत्महत्या करने वाला अभी भी जीवित है जिसकी खबर चर्चा का विषय बनी हुई है

शाहजहांपुर॥ शाहजहांपुर जिले में कथित रूप से आत्महत्या करने वाला अभी भी जीवित है जिसकी खबर चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग सुनकर दांतो तले उंगली दबाने पर मजबूर है आपको बता दें जिले में सोमवार को ट्रेन से कटकर युवक ने कथित रूप से आत्महत्या का प्रयास किया लेकिन शरीर के दो टुकड़े होने के बावजूद वह अभी जीवित है और उसका जिले के राजकीय मेडिकल कालेज में उपचार किया जा रहा है। डॉक्टर उसको बचाने के हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

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पुलिस अधीक्षक नगर संजय कुमार ने बताया कि थाना रोजा अंतर्गत हथोड़ा गांव में रहने वाला युवक हर्षवर्धन किसी विद्यालय में टैक्सी चलाता है। उन्‍होंने बताया कि आज सुबह हथोड़ा स्टेडियम के पीछे रेलवे लाइन पर दिल्ली से लखनऊ जा रही एक ट्रेन से वह कट गया।

उन्होंने बताया कि इसी बीच लखनऊ की ओर से आई मालगाड़ी के ड्राइवर ने दोनों लाइनों के बीच में धड़ पड़ा देखा तो कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसी बीच पुलिस ने पहुँचकर देखा तो युवक पड़ोस में ही नहर के पानी में पड़ा था तथा कह रहा था कि ‘‘हमें बचा लो साहब हमने आत्महत्या की है।’’

एसपी सिटी संजय कुमार ने बताया बताया कि युवक के नाभि के नीचे पृष्ठ भाग के पास से दो टुकड़े हो गए हैं और उसके शरीर का एक हिस्‍सा रेलवे लाइन से घिसट कर नहर के पानी में चला गया जिससे उसका रक्तस्राव रुक गया। पुलिस ने युवक को मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भेजा है जहां डॉक्टरों की टीम की निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है।

राजकीय मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन प्रभारी चिकित्‍साधिकारी डाक्‍टर मोहम्‍मद मेराज ने बताया, ”दो हिस्सों में कटे युवक का धड़ कमर की हड्डी से 10 सेंटीमीटर नीचे से कटा है और उसका लीवर किडनी समेत सभी अंग सुरक्षित है और अब तक तीन यूनिट ब्लड चढ़ाया जा चुका है।”

मेडिकल कॉलेज की मुख्‍य जनसंपर्क अधिकारी डॉ पूजा पांडे त्रिपाठी ने बताया, ”ट्रेन से दो हिस्सों में कटे युवक की हालत अभी भी काफी गंभीर बनी हुई है। यदि हालत में सुधार होता है तो फिर उसे अन्य जगह रेफर करने के बारे में सोचा जा सकता है।” उन्होंने कहा कि अभी केवल इमरजेंसी मैनेज की जा रही है।

उधर दो धड़ अलगअलग होने के बाद जीवित बचने की खबर गांव गांव चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग महाभारत कालीन जरासंध की तरह जीवित होने की संभावना जता रहे हैं।

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