अयोध्या में विवादास्पद ढांचा गिराने के केस का जज ने सुनाया था फैसला, अब सुप्रीम कोर्ट ने…

सुप्रीम कोर्ट मुकदमे के तेज निपटारे के लिए 2017 से मॉनिटरिंग कर रहा था। सुप्रीम कोर्ट ने ही फैसला देने की समय सीमा तय की थी। पिछले 22 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी विध्वंस केस में लखनऊ की स्पेशल कोर्ट को 30 सितम्बर तक सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया था।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में विवादित ढांचे के विध्वंस के मामले में फैसला देने वाले लखनऊ के रिटायर्ड स्पेशल जज एसके यादव को मिली सुरक्षा को जारी रखने से इनकार कर दिया है। पूर्व जज ने अपनी सुरक्षा को बढ़ाने का आग्रह किया था।
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सुप्रीम कोर्ट मुकदमे के तेज निपटारे के लिए 2017 से मॉनिटरिंग कर रहा था। सुप्रीम कोर्ट ने ही फैसला देने की समय सीमा तय की थी। पिछले 22 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी विध्वंस केस में लखनऊ की स्पेशल कोर्ट को 30 सितम्बर तक सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया था।
19 अप्रैल, 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने 1992 में अयोध्या में विवादास्पद ढांचा गिराने के मामले में सीबीआई को सभी 14 आरोपितों के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट के आपराधिक साजिश रचने की धाराओं को हटाने के आदेश को निरस्त करते हुए आपराधिक साजिश रचने की धाराओं को फिर से लगाने की अनुमति दी थी।
साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इन नेताओं के खिलाफ रायबरेली की कोर्ट में चल रहे सभी मामले लखनऊ ट्रांसफर करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट के इसी आदेश पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने लखनऊ में जिस सीबीआई कोर्ट का गठन किया था, उसके जज एसके यादव थे।

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