ये 4 दवाएं कोरोना वायरस के उपचार में पाई गईं उपयोगी, तेजी से मरीज हुए ठीक, जानें नाम

दुनिया की सबसे पुरानी चिकित्सा प्रणाली Ayurveda की चार दवाओं के इस्तेमाल से कोरोना के हल्के एवं मध्यम लक्षणों वाले रोगियों का उपचार संभव है।

नई दिल्ली॥ दुनिया की सबसे पुरानी चिकित्सा प्रणाली Ayurveda की चार दवाओं के इस्तेमाल से कोरोना के हल्के एवं मध्यम लक्षणों वाले रोगियों का उपचार संभव है। आयुष मंत्रालय के दिल्ली स्थित हॉस्पिटल अखिल भारतीय Ayurveda संस्थान (एआईआईए) के जर्नल आयु केयर में प्रकाशित एक केस स्टडी में ये बताया गया है।

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ये 4 दवाएं हैं आयुष क्वाथ, संशमनी वटी, फीफाट्रोल तथा लक्ष्मीविलास रस। एक मैग्जीन में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक ये मामले शोध एक 30 वर्षीय स्वास्थ्यकर्मी की है, जो महामारी से पीड़ित था और मध्यम लक्षणों वाला पेशेंट था।

2 दिनों के संक्रमण के उपरांत उसे भारतीय Ayurveda संस्थान में एडमिट किया गया। एआईआईए के रोग निदान एवं विकृति विज्ञान विभाग के डा. शिशिर कुमार मंडल के नेतृत्व में डाक्टरों की एक टीम ने तीसरे दिन से रोगी का उपचार शुरू किया। उसे दिन में तीन बार 10 मिली लीटर आयुष क्वाथ, दो बार 250 मिग्रा संशमनी वटी और लक्ष्मीविलास रस दिया गया। जबकि फी-फाट्रोल की 500 मिग्रा की टेबलेट दिन में 2 दफा दी गई। चौथे दिन से ही उसकी स्थिति में सुधार देखा गया।

 

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