इन 6 राज्यों में हैं कोरोना के सबसे ज्यादा केस, यहां गए तो समझो पॉजिटव होना तय

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि 7 जुलाई को देश में 55 दिन बाद केस बढ़े

WHO के प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने इस सप्ताह कहा था कि दुनिया कोविड-19 की तीसरी लहर के शुरुआती चरण में है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के अध्ययन समेत कई अध्ययनों में पाया गया है कि थर्ड वेव अगस्त के अंत तक आ सकती है। हालांकि, अगर हम कोविड के आंकड़ों को गौर से देखें तो पता चलेगा कि भारत में तीसरी लहर दस्तक दे चुकी है।

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि 7 जुलाई को देश में 55 दिन बाद केस बढ़े। उस दिन 784 एक्टिव केस के साथ एक्टिव पीड़ितों की संख्या बढ़कर 4 लाख 60 हजार 704 हो गई थी। 14 जुलाई को यानी महज एक हफ्ते में दूसरी बार एक्टिव केस में 2 हजार 95 का इजाफा हुआ।

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 73 जिलों में पॉजिटिविटी रेट 10 फीसदी से ज्यादा है। इसका मतलब यह है कि हर 100 लोगों की जांच हो रही है, उनमें से 10 में संक्रमण की पुष्टि हो रही है। इनमें से 47 जिले उत्तर-पूर्व में हैं। नीति आयोग के डॉक्टर वीके पॉल ने कहा था कि मामलों में कमी आना चेतावनी का संकेत है।

किन राज्यों में है ज्यादा दिक्कत

कोविड के बढ़ते मामलों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 प्रदेशों- केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, ओडिशा, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। देश में पाए जाने वाले कुल मामलों में 80 फीसदी और मौतों में 84 फीसदी मौतें इन्हीं राज्यों में होती हैं। इनमें से आधे से ज्यादा सक्रिय और दैनिक मरीज केरल और महाराष्ट्र में हैं। साथ ही इन 6 राज्यों में कोरोना के मामलों में वृद्धि की दर अन्य राज्यों की तुलना में बहुत अधिक है।

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