अलर्ट- कोरोना से ज्यादा खतरनाक है ये वायरस, बीमारी ऐसी कि फैली तो मचेगी तबाही

कोविड-19 वायरस से लड़ रहे विश्व की मुश्किलें बढ़ सकती है। रूस ने 20 फरवरी को कहा है कि उसके वैज्ञानिकों ने बर्ड फ्लू H5N8 स्ट्रेन का मानव तक में हुए ट्रांसमिशन का पता लगाया है।

कोविड-19 वायरस से लड़ रहे विश्व की मुश्किलें बढ़ सकती है। रूस ने 20 फरवरी को कहा है कि उसके वैज्ञानिकों ने बर्ड फ्लू H5N8 स्ट्रेन का मानव तक में हुए ट्रांसमिशन का पता लगाया है। ये पहली मर्तबा है जब बर्ड फ्लू का यह स्ट्रेन मनुष्यों में पाया गया है। इसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन को अलर्ट कर दिया गया है।

रूसी स्वास्थ्य अफसर ने बताया कि बर्ड फ्लू (H5N8) का संक्रमण इंसान तक पहुंचने की सूचना वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन को दे दी गई है। बर्ड फ्लू का ये स्ट्रेन बेहद संक्रामक है और पक्षियों के लिए जानलेवा होता है, मगर ये पहले कभी मनुष्यों में नहीं फैला था।

कोरोना से भी ज्यादा भयानक होंगे अंजाम

रूस के स्वास्थ्य निगरानी विभाग के प्रमुख अन्ना पोपोवा ने बताया कि इसके साइंटिस्टों ने वेक्टर लैब में एक पोल्ट्री फार्म के 7 कर्मचारियों से स्ट्रेन का जेनेटिक मैटिरियल आइसोलेट किया है। यहां दिसंबर में बर्ड फ्लू फैला था। जानकारों का कहना है कि यदि ये वायरस फैला तो अंजाम कोरोना से भी ज्यादा भयानक होंगे।

उन्होंने ये भी कहा कि इन कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर कोई गंभीर प्रभाव नहीं दिखा है, उनमें हल्के लक्षण पाए गए थे और रिकवर कर चुके हैं। पोपोवा ने इस खोज को अहम बताते हुए कहा कि यह समय बताएगा कि क्या वायरस म्यूटेट कर सकता है। पोपोवा ने कहा, ”ऐसे समय में इस म्यूटेशन की खोज महत्वपूर्ण है जब वायरस में अभी मानव से मानव संक्रमण की क्षमता नहीं आई है, इससे हमें और पूरी दुनिया को संभावित म्यूटेशन के विरूद्ध तैयारी का वक्त मिल गया है।”

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की वेबसाइट के अनुसार A (H5) वायरस से मानव संक्रमण दुर्लभ होते हैं और अक्सर उन लोगों में यह पाया जाता है जो बीमार या मरे हुए संक्रमित पक्षियों के संपर्क में रहते हैं। इससे इंसानों में भी गम्भीर बीमारी या मौत हो सकती है। 2014 से नवंबर 2016 के बीच एवियन फ्लू H5N6 के 16 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 6 की मौत हो गई।

 

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