व्यापारियों ने सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन, बोले- घर का खर्च चलाना पड़ रहा भारी

जीएसटी के साथ ही बिजली का बिल इत्यादि भी व्यापारियों को चुकाना पड़ रहा है।

देहरादून॥ कोरोना आपदा की दूसरी वेव ने उद्योग धंधों की कमर तोड़ दी है। ऐसे में व्यापारी अब अपने प्रतिष्ठानों को खोलने के लिए आतुर है। इसका प्रमाण गुरुवार को दून उद्योग व्यापार मंडल से जुड़े स्थानीय व्यापारियों द्वारा देहरादून घंटाघर पर सरकार के विरुद्ध किया गया प्रदर्शन है।

Uttarakhand

स्थानीय व्यापारी चाहते हैं कि कोरोना के मामलों की कमी के कारण बाजारों को सीमित समय के लिए खोलने की अनुमति प्रदान की जाए। समाजसेवी एवं कपड़ा कमेटी देहरादून के अध्यक्ष प्रवीन कुमार जैन का कहना है कि शहर के हजारों व्यापारियों की आर्थिकी की कमर कोरोना काल में पूरी तरह से टूट चुकी है।

ऐसे में सरकार को जहां एक तरफ स्थानीय व्यापारियों को अब अपनी दुकानें खोलने की अनुमति प्रदान करनी चाहिए वहीं दूसरी तरफ जीएसटी के साथ ही बिजली के बिल में भी कुछ राहत देनी चाहिए।

प्रवीन जैन ने कहा कि शहर की तमाम दुकानें अप्रैल माह के दूसरे सप्ताह से जारी कोविड कर्फ्यू के बाद से ही लगातार बंद चल रही हैं। वहीं व्यापारियों पर अपने कर्मचारियों का वेतन देने का भार भी बना हुआ है। जीएसटी के साथ ही बिजली का बिल इत्यादि भी व्यापारियों को चुकाना पड़ रहा है।

दून युवा सर्राफा मंडल के महासचिव गौरव रस्तोगी का कहना है कि शहर के सभी ज्वेलरी शॉप पिछले 40 से 45 दिनों से बंद चल रहे हैं। घर का खर्च चलाना भी मुश्किल होता जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *