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Up kiran,Digital Desk : अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में इस हफ्ते उस वक्त तनाव बढ़ गया, जब फेडरल एजेंट्स ने अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया। यह छापेमार कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोमाली प्रवासियों को सार्वजनिक रूप से 'कचरा' कहने के कुछ ही दिनों बाद हुई, जिससे इस पर विवाद और भी गहरा गया है।

निशाने पर सोमाली, लेकिन पकड़े गए मेक्सिकन

इस कार्रवाई का मुख्य निशाना शहर में बसे सोमाली समुदाय के लोग थे, जो अमेरिका में सबसे बड़ा सोमाली समुदाय है। हालांकि, गिरफ्तार किए गए 12 लोगों में से केवल पांच ही सोमाली नागरिक थे। बाकी गिरफ्तार लोगों में छह मेक्सिको के और एक एल साल्वाडोर का नागरिक शामिल है।

यह कार्रवाई ट्रंप प्रशासन के उस देशव्यापी निर्वासन अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत पहले शिकागो और लॉस एंजिलिस जैसे शहरों में भी छापे मारे जा चुके हैं।

सरकार बोली- "सबसे बड़े अपराधियों को पकड़ा"

ट्रंप प्रशासन ने इस कार्रवाई का बचाव किया है। गृह सुरक्षा विभाग (DHS) की सहायक सचिव ट्रिशिया मैक्लॉगलिन ने कहा कि गिरफ्तार किए गए 12 लोगों में से ज्यादातर "सबसे बड़े अपराधी" अवैध प्रवासी थे। उन्होंने बताया कि इनमें से आठ लोगों पर पहले से ही हिंसा, धोखाधड़ी, घरेलू हिंसा और नशे में गाड़ी चलाने जैसे गंभीर मामले दर्ज थे।

फेडरल सरकार और शहर के मेयर में टकराव

इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय प्रशासन और संघीय सरकार के बीच टकराव भी देखने को मिला। मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे ने साफ कहा कि शहर की पुलिस इस तरह के किसी भी संघीय इमिग्रेशन अभियान में हिस्सा नहीं लेगी। इसके जवाब में, DHS की मैक्लॉगलिन ने मेयर फ्रे और गवर्नर वाल्ज़ पर आरोप लगाया कि वे इमिग्रेशन कानूनों को लागू न करके अपने नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं।

क्यों गरमाया है पूरा विवाद?

यह छापेमारी इसलिए भी विवादों में है क्योंकि हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से सोमाली प्रवासियों को 'कचरा' कहा था और आरोप लगाया था कि वे देश के लिए कोई योगदान नहीं करते। इतना ही नहीं, उन्होंने मिनेसोटा के डेमोक्रेटिक गवर्नर टिम वाल्ज़ पर भी सरकारी कार्यक्रमों में धोखाधड़ी का आरोप लगाया था, जिससे कथित तौर पर एक सोमाली कट्टरपंथी समूह को पैसा मिला। ट्रंप की इन टिप्पणियों और छापेमारी की स्थानीय अधिकारियों ने कड़ी आलोचना की है।