भारत के इस राज्य में कंट्रोल हुआ कोरोना, खुद वहां के सीएम ने किया ऐलान

उद्धव ठाकरे ने कहा महाराष्ट्र में कोरोना नियंत्रण में, लेकिन खतरा बरकरार

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एवं शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि राज्य में कोरोना नियंत्रण में है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। लोगों को अगले छह महीने तक पूरी तरह से सावधान रहना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार धीरे-धीरे अनलॉक की ओर बढ़ रही है। लोकल ट्रेन जल्द शुरू किए जाने का प्रयास जारी है।
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इसको लेकर रेलमंत्री पीयूष गोयल का रुख भी सकारात्मक है। दीपावली के बाद राज्य में मंदिर सहित सभी धार्मिक स्थल खोले जाएंगे। राज्य सरकार हर संकट का सामना करते हुए आर्थिक निर्भरता की ओर बढ़ रही है। पिछले करीब 9 महीने के कोरोना संकट काल में भी राज्य में 35 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश हुआ है।
मुख्यमंत्री ठाकरे ने रविवार को सोशल मीडिया के जरिए राज्य की जनता को संबोधित किया। उन्होंने दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि फटाखों पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, लेकिन लोगों को खुद पर अंकुश लगाना आवश्यक है। लोग खुद की और दूसरे की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए दीपावली का त्योहार मनाएं।

उन्होंने कहा कि विश्व के कई देशों में कोरोना का दूसरा स्पाईक आया है। राज्य में अगर नागिरकों ने लापरवाही दिखाई तो संकट बढ़ सकता है और फिर से लॉकडाउन की नौबत आ सकती है इसलिए मास्क लगाना, कोरोना नियमों का पालन करना आवश्यक है। मास्क न लगाने पर जुर्माने का कानून अभी जारी रहेगा।

ठाकरे ने कहा कि मंदिर खोलने के लिए उनपर तरह-तरह के आरोप लगाए गए, लेकिन मंदिर तथा धार्मिक स्थल बहुत सोच समझकर शुरू करना है। इसका कारण मंदिर एवं अन्य धार्मिक स्थलों पर हर उम्र के लोग प्रार्थना करते हैं। ऐसे में अगर कोई भी कोरोना मरीज वहां पहुंच गया तो संक्रमण फैलने का खतरा सर्वाधिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य हर तरह के संकट का सामना कर रहा है, लेकिन केंद्र सरकार ने राज्य का बकाया 38 हजार करोड़ रुपये अब तक अवमुक्त नहीं किया है। निसर्ग तूफान की वजह से कोंकण इलाके के लोग प्रभावित हुए। उन्हें मदद की गई। जून से अक्टूबर तक अतिवृष्टि से राज्य की 41 हजार हेक्टर खेती योग्य जमीन खराब हो गई है। विपक्ष ने इन किसानों को भड़काने का प्रयास किया, लेकिन यह किसान किसी के झांसे में नहीं आए। इन किसानों के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। राज्य सरकार मराठा, ओबीसी, धनगर आदि समाज के आरक्षण पर विचार कर रही है।

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