Ukraine में तड़प-तड़पकर मर रहे हैं यूक्रेनी सैनिक, जानें इसके पीछे की बड़ी वजह

यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने गुरुवार रात राष्ट्र के नाम एक वीडियो संबोधन जारी किया। इसमें उन्होंने देश के उन हिस्सों में दवाओं और चिकित्सा सुविधाओं की भारी कमी का जिक्र किया जो रूस के नियंत्रण में हैं। ज़ेलेंस्की ने कहा कि उन क्षेत्रों में कैंसर रोगियों के लिए उपचार सुविधाओं का लगभग पूर्ण अभाव है, जबकि मधुमेह रोगियों के लिए ‘इंसुलिन’ या तो उपलब्ध नहीं है या इसे प्राप्त करना बेहद मुश्किल है। उन्होंने ‘एंटीबायोटिक्स’ की आपूर्ति में भारी कमी का भी दावा किया।

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ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूसी सेना ने अब तक युद्ध के दौरान यूक्रेन पर 2,014 मिसाइलें दागी हैं, जबकि यूक्रेन के हवाई क्षेत्र में रूसी लड़ाकू विमानों के उड़ने की 2,682 घटनाएं दर्ज की गई हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने दावा किया कि अस्पतालों और अन्य चिकित्सा केंद्रों सहित देश में लगभग 400 संरचनाएं या तो नष्ट हो गईं या भारी क्षतिग्रस्त हो गईं।

यूक्रेन ने की रूस पर दबाव बनाने की अपील

वहीं, यूक्रेन के एक अधिकारी ने वैश्विक समुदाय से रूस पर मारियुपोल शहर से घायल नागरिकों और सैनिकों को निकालने के लिए दबाव बनाने का आग्रह किया है। मारियुपोल के अजोवस्टल स्टील प्लांट में गुरुवार को भारी गोलाबारी हुई। रूसी सैनिकों ने शहर में प्रतिरोध के अंतिम बिंदु पर कब्जा करने की पूरी कोशिश की और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बंदरगाह पर पूर्ण नियंत्रण कर लिया।

तड़प-तड़प मर रहे सैनिक
यूक्रेन के सैकड़ों सैनिक इस्पात संयंत्र परिसर के एक बंकर में छिपे हुए हैं, जिनमें से कई घायल हैं। सैनिकों के साथ-साथ कुछ नागरिक भी हैं। यूक्रेन की आज़ोव रेजिमेंट के डिप्टी कमांडर कैप्टन शिवतोस्लाव पालमार ने गुरुवार को स्टील प्लांट के बंकर से जारी एक वीडियो बयान में कहा कि “घायल सैनिक उचित इलाज के अभाव में तड़प-तड़प कर मर रहे हैं।”