अनलॉक 5.0 में पर्यटकों के लिए छूट, चार धाम में तीर्थ यात्रियों की संख्या में हुआ बड़ा इजाफा

उत्तराखंड में पर्यटकों के लिए अनलॉक 5.0 में दी गई ढील की वजह से अन्य पर्यटन केंद्रों के साथ ही चार धाम में भी तेजी से तीर्थ यात्रियों की संख्या में इजाफा हो रहा है

देहरादून, 04 अक्टूबर यूपी किरण। उत्तराखंड में पर्यटकों के लिए अनलॉक 5.0 में दी गई ढील की वजह से अन्य पर्यटन केंद्रों के साथ ही चार धाम में भी तेजी से तीर्थ यात्रियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तथा पर्यटन, धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज के दिशा-निर्देश में उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम् प्रबंधन बोर्ड द्वारा प्रदेश के लोगों के लिए चार धाम यात्रा का एक जुलाई से शुभारंभ हुआ जबकि 25 जुलाई से कुछ प्रावधानों के साथ चार धाम यात्रा सभी के लिए शुरू हुई। चार धाम तीर्थयात्रा के लिए उत्तराखंड से बाहर के तीर्थ यात्रियों के लिए पहले शुरू किए 72 घंटे पूर्व की  इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर)  से प्रमाणित लैब से कोरोना जांच की निगेटिव रिपोर्ट अथवा क्वारंटीन अवधि के प्रमाण पत्र की बाध्यता को अब समाप्त कर दिया गया है। अब स्वास्थ्य मानकों का पालन कर देवस्थानम बोर्ड  की वेबसाइट से देश के अन्य प्रांतों के लोग आसानी से चारधाम यात्रा ई पास बना सकते हैं। आज शाम तक उत्तराखंड देवस्थानम् प्रबंधन बोर्ड की वेबसाइट www.badrinath-kedarnath.gov. in से  4,844 लोगों ने चार धामों हेतु ई -पास बुक कराये हैं। इनमें श्री बदरीनाथ धाम के लिए 1172,  श्री केदारनाथ धाम के लिए 2647, श्री गंगोत्री धाम हेतु  641, श्री यमुनोत्री धाम हेतु 384  लोगों ने ई पास बुक कराये हैं।
प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि देवस्थानम बोर्ड द्वारा श्री यमुनोत्री धाम एवं गंगोत्री धाम में न्यासियों एवं हकूकधारियों के सहयोग हेतु देवस्थानम बोर्ड के अधिकारियों तथा कर्मचारियों की तैनाती की गई है। उन्होंने कहा कि देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड अधिनियम के तहत हक हकूकधारियों के सभी हित सुरक्षित हैं।देवस्थानम बोर्ड द्वारा अब प्रदेश से बाहर के लोगों को कोरोना  निगेटिव जांच रिपोर्ट एवं क्वारंटीन की शर्तों को हटा दिया गया है। अब सभी को स्वास्थ्य मानकों का पालनकर चार धाम यात्रा की अनुमति है। चार धामों में तीर्थयात्रियों को मंदिरों में दर्शन हो रहे हैं, जिसमें किसी तरह का कोई अवरोध नहीं है। नतीजतन, चारधाम यात्रा के अच्छे परिणाम  आये हैं।
हालांकि कोरोना महामारी से बचाव एवं रोकथाम के मद्देनजर थर्मल स्क्रीनिंग, सेनेटाइजेशन के पश्चात ही मंदिरों में तीर्थ यात्रियों को प्रवेश दिया जा रहा है। मास्क  पहनना अनिवार्य किया गया है। अभी मंदिरों में निर्धारित दूरी से देव दर्शन हो रहे हैं ताकि शारीरिक दूरी बनी रहे तथा कोरोना बचाव के मानकों का पालन हो सके। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग पर देवस्थानम बोर्ड के यात्री विश्राम गृहों को तीर्थ यात्रियों की सुविधा हेतु खोला जा चुका है।
तीर्थयात्रियों से अपेक्षा की जा रही है कि अति आवश्यक होने पर ही धामों में रुकें। यह कोशिश रहे कि दर्शन के पश्चात तीर्थ यात्री निकटवर्ती स्टेशनों तक वापस आ जायें। मौसम तथा सड़कों की स्थिति की जानकारी रखें। सड़कों की स्थिति अब सामान्य है। बरसात के बावजूद यात्रा मार्ग खुले हुए हैं। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि चारों धामों में धीरे-धीरे तीर्थ यात्रियों की आमद हो ताकि पर्यटन एवं तीर्थाटन को गति मिल सके।
महाराज ने बताया अब उत्तराखंड से बाहर के लोग भी  बिना कोरोना निगेटिव रिपोर्ट के चारधाम यात्रा हेतु ई पास बनाकर एवं स्वास्थ्य संबंधी मानक पूरे कर यात्रा कर सकते हैं। केवल कोरोना के लक्षणवाले लोगों के पाज़िटिव रिपोर्ट आने पर चारधाम यात्रा की अनुमति नहीं होगी जब तक कि उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव नहीं आ जाती। सामान्य जांच में कोरोना के लक्षण पाये जाने पर संबंधित जिला प्रशासन यात्री का कोविड-19 आरटी पीसीआर टेस्ट करवायेंगे।
गढ़वाल के आयुक्त एवं उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम् प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने बताया कि हेलीकॉप्टर से आने वाले तीर्थयात्रियों को ई पास से छूट दी गयी है तथा हेली से दर्शन को पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य जांच की जिम्मेदारी संबंधित हेली कंपनी की होगी। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडी सिंह ने बताया कि अभी तक 50 हजार से अधिक तीर्थ यात्री चार धाम दर्शन हेतु पहुंच चुके हैं।

 

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