Up kiran,Digital Desk : उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की कस्टोडियल डेथ (हिरासत में मौत) मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई जयदीप सिंह सेंगर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने जयदीप की अंतरिम जमानत बढ़ाने की याचिका को खारिज करते हुए उसे तत्काल जेल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण (Surrender) करने का निर्देश दिया है। अदालत ने सख्त लहजे में कहा कि जब तक आरोपी सरेंडर नहीं करता, उसकी किसी भी दलील पर विचार नहीं किया जाएगा।
"नकली हैं मेडिकल दस्तावेज": सीबीआई ने खोली पोल
जयदीप सेंगर ने ओरल कैंसर (मुंह का कैंसर) का हवाला देते हुए अदालत से तीन महीने की अंतरिम जमानत बढ़ाने की गुहार लगाई थी। याचिका में कहा गया था कि उसकी स्थिति जानलेवा है और उसे विशेष चिकित्सा देखभाल की जरूरत है। हालांकि, सीबीआई (CBI) ने इसका कड़ा विरोध किया।
गंभीर आरोप: सीबीआई के वकील ने अदालत को बताया कि जयदीप द्वारा पेश किए गए मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन और दस्तावेज फर्जी (Fake) हैं।
अदालत की टिप्पणी: न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की पीठ ने पाया कि जुलाई 2024 में मिली दो महीने की जमानत के बाद कोई अनिश्चितकालीन विस्तार आदेश नहीं दिया गया था। पीठ ने कहा, "पहले आप आत्मसमर्पण करें, उसके बाद ही हम आगे देखेंगे।"
कुलदीप सेंगर की भी बढ़ सकती है मुसीबत, सजा बढ़ाने पर नोटिस
एक तरफ जयदीप सेंगर को सरेंडर का आदेश मिला है, वहीं दूसरी तरफ मुख्य आरोपी और पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की मुश्किलें भी बढ़ने वाली हैं।
सजा बढ़ाने की मांग: दुष्कर्म पीड़िता ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की है कि उसके पिता की मौत के मामले में कुलदीप सेंगर को मिली 10 साल की सजा को बढ़ाया जाए।
कोर्ट का नोटिस: हाई कोर्ट ने इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए कुलदीप सेंगर और अन्य दोषियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 2 मार्च को तय की गई है।
क्या है पूरा मामला?
उन्नाव दुष्कर्म कांड में पीड़िता के पिता को पुलिस हिरासत में बेरहमी से पीटा गया था, जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने कुलदीप सेंगर और जयदीप सेंगर सहित अन्य को 10 साल की सजा सुनाई थी।
कुलदीप सेंगर की स्थिति: कुलदीप सेंगर फिलहाल नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। कस्टोडियल डेथ मामले में भी उसकी अपील हाई कोर्ट में लंबित है।
जमानत का खेल: इस मामले में सेंगर के अलावा लगभग सभी दोषी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं, लेकिन जयदीप सेंगर को अब वापस सलाखों के पीछे जाना होगा।
अदालत के इस कड़े रुख से साफ है कि संवेदनशील मामलों में मेडिकल ग्राउंड पर बार-बार जमानत लेने की कोशिशों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




