Up Assembly Election 2022: सपा-बसपा के खाते में संत कबीर और महात्मा बुद्ध के जिलों में आएगी कितनी सीट, जानें क्या है सियासी हाल

भगवान बुद्ध की निर्वाण स्थली कुशीनगर में 7 सीटे हैं लेकिन यहां इस बार बीजेपी ने यहां पर अपने पुराने चेहरों पर भरोसा नहीं जताया है। यहां की 6 सीटें बीजेपी व उनके सहयोगी दलों के पास थी। पडरौना सीट से विधायक स्वामी प्रसाद मौर्या पाला बदल कर इस बार साइकिल पर सवार हैं लेकिन पडरौना की जगह वह फाजिल नगर से चुनाव मैदान में हैं।

यूपी का विधानसभा चुनाव (Up Assembly Election 2022) धीरे-धीरे अपने आखिरी दो चरणों की तरफ बढ़ चुका है। छठे चरण का चुनाव भगवान बुद्ध व संत कबीर की नगरी में है। महात्मा बुद्ध ने जहां पूरी दुनिया को शांति का संदेश दिया तो वहीँ मगहर का रुख करते ही शांति की अनुभूति होने लगती है। लेकिन आज-कल यहां का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर और कुशीनगर ऐसे ही जिले हैं जहां के परिणामों पर लोगों की नजर रहेगी। यहां न केवल बागियों के प्रभाव को कम करने की कोशिशें होंगी बल्कि साथ छोड़ कर गए सहयोगी दलों से भी निपटना होगा।Up Assembly Election 2022 - SP-BSP-BJP

यहां की 15 सीटों में से 14 बीजेपी व सहयोगी दलों के पास है, वहीं एक सीट कांग्रेस के पास में है। पिछले चुनाव में एसपी-बीएसपी का यहां खाता भी नहीं खुला था। इन क्षेत्रों का नाम हाल के वर्षों में सुर्ख़ियों में रहा, मगहर भी पर्यटन के नक्शे पर आया। कुशीनगर की सीटों पर सबसे जयादा नजरें टिकी हैं क्योंकि यहां से दिग्गजों ने पाला बदल दिया है। कांग्रेस छोड़ कर बीजेपी जाने वाले आरपीएन सिंह, बीजेपी छोड़ कर एसपी में जाने वाले स्वामी प्रसाद मौर्या यहीं से आते हैं। वहीं इस क्षेत्र से बीजेपी को अपना साथ छोड़ कर गए सुभासपा की आक्रमकता से भी निपटना होगा। इसके जो प्रत्याशी पिछली बार बीजेपी का चेहरा बने थे, इस बार एसपी के होंगे। संत कबीर नगर का क्षेत्र पीस पार्टी के प्रभाव वाला माना जाता है तो उनकी भी परीक्षा यहीं पर होगी। (Up Assembly Election 2022)

भगवान बुद्ध की निर्वाण स्थली कुशीनगर में 7 सीटे हैं लेकिन यहां इस बार बीजेपी ने यहां पर अपने पुराने चेहरों पर भरोसा नहीं जताया है। यहां की 6 सीटें बीजेपी व उनके सहयोगी दलों के पास थी। पडरौना सीट से विधायक स्वामी प्रसाद मौर्या पाला बदल कर इस बार साइकिल पर सवार हैं लेकिन पडरौना की जगह वह फाजिल नगर से चुनाव मैदान में हैं। बीएसपी और एसपी ने भी पिछली बार चुनाव लड़े पुराने प्रत्याशियों को बदल दिया है, केवल एक सीट पर ही पुराने प्रत्याशी उतारे हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू यहां की तमकुहीराज से एमएलए हैं और इस बार फिर से वह यहां से मैदान में हैं। (Up Assembly Election 2022)

बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी का सुभासपा से गठबंधन था। रामकोला की सीट से सुभासपा के रामानंद बौद्ध यहां से विधायक बने थे। लेकिन इस बार सुभासपा बीजेपी के मुकाबिल है। बीजेपी ने यहां के चार विधायकों के टिकट बदले हैं तो खड्डा व तमकुहीराज की सीट बीजेपी गठबंधन में निषाद पार्टी को दी गई है। इसी तरह समाजवादी पार्टी ने रामकोला को छोड़कर शेष सभी सीटों के अपने प्रत्याशी बदले हैं। (Up Assembly Election 2022)

रामकोला से पूर्णमासी देहाती वर्ष 2017 में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी थे। इस वर्ष वह सपा गठबंधन से सुभासपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में हैं। वहीं यहां के कुशीनगर सीट से प्रत्याशी राजेश प्रताप ‘बंटी’ भी इस बार यहां से बीएसपी नहीं, बल्कि सपा के टिकट पर है। सिद्धार्थनगर में सभी पांचों सीटें बीजेपी व सहयोगी दलों के खाते में है। यहां बीजेपी के तीन नेता बीएसपी में शामिल हो चुके हैं और डुमरियागंज, इटवा और शोहरतगढ़ सीट से ताल ठोक रहे हैं। वहीं बीएसपी ने इन सीटों पर दूसरे स्थान पर रहने वाले अपने नेताओं को टिकट नहीं दिया है। वहीं संत कबीर नगर की भी तीनों सीटों बीजेपी के पाले में हैं। यहाँ यह भी गौरतलब है कि संत कबीर नगर पीस पार्टी के प्रभाव वाला क्षेत्र है और पीस पार्टी के मुखिया मो अय्यूब यहां की खलीलाबाद सीट से मैदान में है। (Up Assembly Election 2022)

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