'आरोपी ठोंका तो छाती कूट रुदाली करने लगे...' असद के एनकाउंटर पर सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर अब तक का सबसे तीखा हमला
उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों बयानों के तीखे तीर चल रहे हैं। हाल ही में हुए सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद के पुलिस मुठभेड़ (एनकाउंटर) में मारे जाने के बाद सूबे का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता अमीक जामेई द्वारा इस एनकाउंटर की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जाने के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा (SBSP) के मुखिया ओम प्रकाश राजभर ने मोर्चा खोल दिया है। राजभर ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर सीधा और बेहद कड़ा हमला बोला है। उन्होंने सपा की नीतियों और उनके प्रवक्ताओं की बयानबाजी पर तीखे सवाल खड़े करते हुए कहा कि अपराधियों के खात्मे पर सपा नेताओं के घरों में मातम क्यों पसर जाता है।
जब मासूम सूर्या की हत्या हुई तब संवेदना के दो शब्द भी नहीं फूटे
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर एक के बाद एक बेहद आक्रामक पोस्ट शेयर करते हुए अखिलेश यादव को सीधे कटघरे में खड़ा किया। राजभर ने बेहद तल्ख लहजे में लिखा, "अखिलेश यादव जी, जरा अपने प्रवक्ताओं को इंसानियत का पाठ पढ़ाइए! जब बेकसूर और मासूम सूर्या की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, तब आपके मुंह से निंदा का एक शब्द या पीड़ित परिवार के लिए संवेदना तक नहीं फूटी। और आज जब पुलिस ने उस खूंखार आरोपी को मुठभेड़ में ठोंक दिया, तो आपके प्रवक्ता छाती कूट-कूटकर रुदाली गान करने में जुट गए हैं। वे कह रहे हैं कि उन्हें उत्तर प्रदेश की ऐसी मजबूत कानून-व्यवस्था मंजूर नहीं है।"
राजभर ने सपा के 'PDA' फॉर्मूले की उड़ाई धज्जियां, दी नई परिभाषा
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बहुचर्चित 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे पर सीधा प्रहार करते हुए सुभासपा प्रमुख ने इसकी बेहद चौंकाने वाली और विवादित परिभाषा दे डाली। राजभर ने तीखे अंदाज में पूछा, "अगर आपको योगी सरकार की अपराधियों पर की जा रही यह सख्त कार्रवाई और कानून-व्यवस्था पसंद नहीं है, तो फिर आपको कैसी व्यवस्था चाहिए? क्या आपको 'पीट देगा अहीर' और 'पीट देगा अल्पसंख्यक' (सपाई) वाली पुरानी अराजक व्यवस्था वापस चाहिए?" राजभर के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
17 साल के सूर्या को न्याय मिला तो सपाईयों के घरों में मातम क्यों
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए ओम प्रकाश राजभर ने मृत छात्र सूर्या चौहान की कम उम्र का जिक्र कर सपा को जमकर घेरा। उन्होंने भावुक और आक्रामक अंदाज में कहा, "अरे अखिलेश यादव जी, वह बेचारा सूर्या चौहान तो महज 17 साल का एक मासूम लड़का था, जिसके मूंछ के बाल भी ठीक से नहीं फूटे थे। उस बेकसूर को मार दिया गया और आरोपी सोशल मीडिया पर फक्र से उसका वीडियो डालता रहा। अब जब उत्तर प्रदेश पुलिस की त्वरित कार्रवाई से उस पीड़ित परिवार को इंसाफ मिला है, तो आप और आपके प्रवक्ताओं के घरों में मातम क्यों पसर गया है? ऐसा क्यों लगा कि कल आपके प्रवक्ताओं के घरों में चूल्हा तक नहीं जला? राजनीति अपनी जगह है, लेकिन विपक्ष को थोड़ी तो शर्म करनी चाहिए।"