पीएम मोदी से मिले उत्तराखंड के सीएम, अपनी जनता के लिए मांगा॰॰॰

सीएम ने कहा कि उत्तराखंड के वित्तीय संसाधन अत्यंत सीमित है, इस अवसर पर सीएम ने पीएम को कंडाली की जैकेट भी भेंट की।

देहरादून॥ सीएम तीरथ सिंह रावत ने सोमवार को नई दिल्ली में पीएम मोदी से भेंट की। आधा घंटे चली भेंट में सीएम ने 18 वर्ष की आयु से ऊपर वाले सभी लोगों का कोरोना टीकाकरण फ्री किये जाने पर पीएम का आभार जताया।

Uttarakhand Chief Minister meets Prime Minister Modi

साथ ही 80 करोड़ लोगों को फ्री अनाज और राज्य को ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल-लाइन की सौगात देने के लिए भी आभार जताया। वहीं, सीएम ने पीएम से प्रदेश में मानसून व आपदा के दौरान सड़के बंद होने की स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों में वक्त पर वैक्सीन पहुंचाने के लिए अतिरिक्त कोटे की भी मांग की।

सीएम ने अवगत कराया कि चारधामों में सड़कों का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड के वित्तीय संसाधन अत्यंत सीमित है, इस अवसर पर सीएम ने पीएम को कंडाली की जैकेट भी भेंट की।

सीएम ने कहा, कोविड-19 से लड़ने के लिए राज्य को केंद्र सरकार की ओर से हर तरह की मदद मिली है। इसके तहत पीएम के निर्देशों के क्रम में डीआरडीओ के जरिए निर्मित अस्पताल, जो ऋषिकेश और हल्द्वानी में बनाए गएं हैं। इससे आम लोगों को लाभ मिला है। इसके लिए भी उन्होंने पीएम मोदी का आभार जताया।

सीएम ने कहा कि पीएम की दूरदर्शी सोच का नतीजा है कि केदारनाथ धाम भव्य रूप में विकसित हो गया है और बदरीनाथ धाम को लेकर भी रूपरेखा तैयार हो रही है। सीएम ने स्थिति सामान्य होने पर पीएम को बदरी-केदार डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लोकार्पण के लिए न्योता दिया।

सीएम ने राज्य को तीन डॉप्लर रडार की स्वीकृति देने को लेकर भी आभार जताते हुए वैली के लिए 10 छोटे डाप्लर रडार उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। सीएम ने पीएम से राज्य के कुमाऊं क्षेत्र में ‘एम्स’ की स्थापना या ऋषिकेश एम्स की शाखा स्थापित करने का भी अनुरोध किया।

सीएम ने कहा कि उत्तराखंड एक हिमालयी पर्वतीय राज्य है। इसको पूर्ण रूप से ऑर्गेनिक प्रदेश के रूप में विकसित किए जाने के लिए उन्होंने केंद्र सरकार से विशेष अनुदान का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का पर्यावरण बहुत संवेदनशील है। ऐसे में हिमालयी क्षेत्र में हिमनद का अध्ययन और जल स्त्रोतों को किस तरह सुरक्षित रखना है। इसके संबंध में सम्पूर्ण अध्ययन करने के लिए उत्तराखण्ड में ‘हिमनद एवं जल संसाधन शोध केन्द्र’ की स्थापना की जाए।

 

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