Vastu tips: घर में लगाएं इस गाय की फोटो, खुल जाएगी किस्मत, पूरी होने लगेगी हर इच्छा

सनातन धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। मान्यता है कि गाय के सेवा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। वहीं अगर घर में कामधेनु गाय की मूर्ति लगा दी

सनातन धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। मान्यता है कि गाय के सेवा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। वहीं अगर घर में कामधेनु गाय की मूर्ति लगा दी जाये तो सुख, समृद्धि, संतान और स्वास्थ्य लाभ होता है। कामधेनु गाय का अर्थ होता है कामनाओं या इच्छाओं को पूरी करने वाली गौ माता। पुराणों में भी लिखा गया है कि समुद्र मंथन के समय कामधेनु गाय निकली थी। वहीं वास्तु शास्त्र में भी कामधेनु गाय की प्रतिमा बेहद शुभ माना गया है।

Kamdhenu Cow

कहते हैं कि जिस घर में कामधेनु गाय अपने बछड़े के साथ रहती है वह घर खुशियों से भरा रहता है ऐसा शास्त्रों में वर्णित है। प्राचीन आख्यानों में लिखा गया है कि कामधेनु की पुत्री नंदिनी महर्षि वशिष्ठ के आश्रम में रहती थी। माता अनुसूया उनकी सेवा करती थीं। कहते हैं महाराज दिलीप के कोई संतान नहीं हुई तो उनके कुलगुरू महर्षि वशिष्ठ ने उन्हें नंदिनी गाय की सेवा करने की सलाह दी।

इसके बाद महाराज दिलीप ने अपनी पत्नी सहित नंदिनी की सेवा की जिस पर उनके घर में महाप्रतापी पुत्र रघु पैदा हुए। इन्ही से रघुकुल वंश चला। मान्यता है कि घर में जिस दिशा में वास्तु दोष होता है उस दिशा में बछड़े सहित गौ माता की फोटो लगनी चाहिए। ऐसा करने से वास्तु दोष समाप्त हो जाता है। वास्तुशास्त्र में बताया गया है कि कामधेनु गाय का बछड़ा सहित चित्र साउथ वेस्ट (नैऋत्य) में लगाने से घर के कार्य में स्थिरता आती है।

वहीं दक्षिण दिशा में लगाने से गृह स्वामी का प्रभाव बढ़ता है। आग्नेय कोण में गौ माता का फोटो लगाने से घर की महिला सदस्य प्रसन्न रहती हैं। पूर्व दिशा में कामधेनु गाय का चित्र लगाने से घर की दरिद्रता समाप्त हो जाती है। ईशान दिशा में कामधेनु गाय का चित्र लगाने से संतान से प्रसन्नता प्राप्त होती है। उत्तर में गौमाता की प्रतिमा को लगाने से कुबेर की कृपा बरसती है और घर में बरकत रहती है। वायव्य कोण में कामधेनु गाय की प्रतिमा लगाने से वातावरण अनुकूल बना रहता है।