योगी सरकार में वसीम रिजवी जाएंगे अब जेल!, पुलिस ने लिया बड़ा एक्शन

पूर्व प्रशासक की ओर से रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि शिया वक्फ बोर्ड अध्यक्ष पद पर रहते वसीम रिजवी ने उन्हें अगस्त 2018 में दरगाह का प्रशासक नियुक्त किया था। तत्कालीन अध्यक्ष वसीम रिजवी ने अपने संबंधी बोर्ड सदस्य अश्फाक हुसैन जिया के साथ हमसाज होकर उन्हें पद से हटाने की धमकी देते हुए 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी तथा उन्हें समय-समय पर धमकियां दीं गईं। 

बिजनौर। जोगीरम्पुरी दरगाह के पूर्व प्रशासक सय्यद कैसर अली बाकरी ने उप्र शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी सहित तीन लोगों के खिलाफ 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने, जानलेवा हमला कराने की रिपोर्ट नगीना देहात थाने में बुधवार को दर्ज कराई है।
Wasim Rizvi
 
पूर्व प्रशासक की ओर से रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि शिया वक्फ बोर्ड अध्यक्ष पद पर रहते वसीम रिजवी ने उन्हें अगस्त 2018 में दरगाह का प्रशासक नियुक्त किया था। तत्कालीन अध्यक्ष वसीम रिजवी ने अपने संबंधी बोर्ड सदस्य अश्फाक हुसैन जिया के साथ हमसाज होकर उन्हें पद से हटाने की धमकी देते हुए 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी तथा उन्हें समय-समय पर धमकियां दीं गईं। 
 
कैसर अली बाकरी ने विभिन्न खातों के माध्यम से लाखों रुपये नकदी देने के बावजूद उन पर सात जून से 10 जून 2019 में आयोजित सालाना मजलिसों के दौरान दो लाख रुपये मांगने का दबाव बनाते हुए उन पर हमला कराने का आरोप लगाया। बाकरी ने उन्हें 13 जून 2019 को जबरन प्रशासक पद से हटाने का हवाला दिया। 
 
पुलिस अधीक्षक का कहना है कि नगीना देहात पुलिस ने धारा 452 सहित छह से अधिक धाराओं में पूर्व प्रशासक की ओर से शिया वक्फ बोर्ड उप्र के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी, पूर्व सदस्य अश्फाक हुसैन तथा एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।   

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