क्या अब ये मुस्लिम देश इसराइल से मिलाएगा हाथ! जानिए क्या है मज़बूरी

मिस्र, जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात के बाद बहरीन मध्य-पूर्व का ऐसा चौथा देश बन गया है जिसका इसराइल के साथ अब राजनयिक संबंध स्थापित हो गया है

पिछले दिनों मुस्लिम देशों का इसराइल से संबंध स्थापित करने को लेकर खूब बवाल मचा था, आपको बता दें कि मिस्र, जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात के बाद बहरीन मध्य-पूर्व का ऐसा चौथा देश बन गया है जिसका इसराइल के साथ अब राजनयिक संबंध स्थापित हो गया है.

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वहीँ हाल ही में इसराइल और बहरीन अपने संबंधों को पूरी तरह से सामान्य बनाने को लेकर एक ऐतिहासिक समझौते पर सहमत हुए हैं. आपको बता दें कि इससे पहले गुज़रे अगस्त के महीने में संयुक्त अरब अमीरात और इसराइल के बीच शांति समझौते की औपचारिक शुरुआत पहली आधिकारिक उड़ान के साथ हुई थी. यह उड़ान इसराइल से संयुक्त अरब अमीरात के लिए भरी गई थी.

ओमान भी मिला सकता है हाथ

आपको बता दें कि संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन के साथ हुए इन शांति समझौते के साथ ही अरब देशों और इसराइल के बीच कूटनीतिक संबंधों के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है क्योंकि दशकों से ज़्यादातर अरब देश फ़लस्तीन के मुद्दे और मुस्लिम दुनिया के तीसरे पवित्र शहर पूर्वी यरूशलम (जो स्वतंत्र फ़लस्तीन का हिस्सा होगा) को लेकर इसराइल का बहिष्कार करते रहे हैं.

अरब देशों की इसराइल के सामने ये शर्त रही है कि जब तक वो फ़लस्तीन को अलग राष्ट्र का दर्जा नहीं देते हैं, तब तक वो उनके साथ शांति समझौता नहीं करेंगे. फ़लस्तीनी नेताओं ने अलग फ़लस्तीनी राष्ट्र के गठन के बिना यूएई के इसराइल को मान्यता देने को धोखा भी बताया है.

आपको बता दें कि संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन के बाद अब इस बात की संभावना प्रबल होती दिख रही है कि जल्द ही ओमान के साथ भी इसराइल का शांति समझौता हो सकता है और इसके साथ ही इन दोनों देशों के बीच औपचारिक राजनयिक संबंधों की शुरुआत हो सकती है.क्या

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