भ्रष्टाचार में ये IAS अफसर जा सकते हैं जेल, विशेष अदालत कर रही सुनवाई

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यूपी किरण ब्यूरो

लखनऊ।। उप्र सहकारी ग्राम्य विकास बैंक लिमिटेड में हुए करोड़ों के घोटाले के मामले में बैंक के प्रशासक रहे अमल कुमार वर्मा को भी आरोपी बनाया गया है।

अमल कुमार वर्मा आईएएस थे, जो अब रिटायर हो चुके हैं। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत को इस बात की जानकारी इस मामले के विवेचक व एसआईबी के एसपी गुरदीप सिंह ग्रेवाल ने दी है।

विशेष अदालत में दाखिल अर्जी में विवेचक ने कहाकि इस मामले की अग्रिम विवेचना के दौरान उप्र सहकारी ग्राम्य विकास बैंक के पूर्व प्रशासक अमल कुमार वर्मा के विरुद्ध आईपीसी की धारा 409 व 120-बी के तहत आपराधिक मामला दर्ज हुआ है।

लिहाजा उनको आरोप पत्र भेज दिया गया है। साथ ही शासन से अभियोजन की स्वीकृति मांगी गई है। अभियोजन की स्वीकृति मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मालूम हो कि 11 जनवरी, 2013 को उप्र सहकारी ग्राम्य विकास बैंक लिमिटेड के महाप्रबंधक (प्रशासन) आलोक दीक्षित ने इस मामले की एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद 10 जुलाई 2013 को बैंक के तत्कालीन प्रबंध निदेशक नवल किशोर के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।

2 जनवरी, 2014 को दाखिल आरोप पत्र में एसआईबी ने ठेकेदार विनोद गुप्ता व सीता गुप्ता को आरोपी बनाया। 22 जनवरी, 2014 को एसआईबी ने नवल किशोर के खिलाफ एक और आरोप पत्र दाखिल किया।

आरोप पत्र के मुताबिक मुल्जिमों पर 5 करोड़ 24 लाख 1 हजार 738 रुपये के घोटाले का आरोप है। विशेष अदालत में यह मामला गवाही के दौर से गुजर रहा है।

फोटोः फाइल

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