मंदिर में जाते ही घंटियाँ क्यों बजाई जाती हैं, जानें इसके पीछे की वैज्ञानिक वजह

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कई लोग अपनी भागदौड़ भरी जीवनशैली से वक्त निकालकर मंदिर जाते हैं। सभी लोग मंदिर में ईश्वर के दर्शन के लिए जाते हैं। उस समय प्रवेश द्वार के पास घंटियाँ बजती हैं। पर कई लोग इसके पीछे का कारण नहीं जानते।

हिंदू धर्म के मुताबिक, घंटी बजाने से मंदिर की मूर्तियों में संवेदना जागृत हो जाती है। इससे भक्तों की पूजा फलदायी और प्रभावशाली बनती है। साइंटिस्ट तर्क के मुताबिक, घंटी बजाने से मनुष्य की चेतना जागृत होती है और वह पूजा-पाठ में केंद्रित हो जाता है।

मान्यता का अनुसार, घंटी बजाने से अशांत मन शांत होता है। घंटियों के बजने से मंदिर के वातावरण में जीवंतता आ जाती है। घंटियों की ध्वनि से आलस्य दूर होता है और हमारी एकाग्रता बढ़ती है। इसका बच्चों पर अच्छा असर पड़ता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हर एक लाख की जनसंख्या पर 53 मंदिर. हालांकि एक वेबसाइट का डाटा कहता है कि अकेले भारत में छोटे और बडे़ मिलाकर बीस लाख मंदिर हैं. हर गांव छोटे से बड़े तक पांच मंदिर जरूर होते हैं।

 

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