Up kiran,Digital Desk : 15 अप्रैल 2023 की वह काली रात कोई नहीं भूल सकता, जब प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल के बाहर पुलिस कस्टडी में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आज इस सनसनीखेज हत्याकांड के पूरे तीन साल बीत चुके हैं। इन तीन वर्षों में संगम नगरी की फिजा बदली तो है, लेकिन अतीक के नाम का 'खौफ' और उसके गैंग की 'सक्रियता' आज भी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है।
'धुरंधर 2' से फिर चर्चा में आया अतीक का 'पाकिस्तान कनेक्शन'
इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा रही फिल्म 'धुरंधर पार्ट टू' ने एक बार फिर अतीक अहमद के काले कारनामों की यादें ताजा कर दी हैं। फिल्म में दर्शाए गए माफिया के पाकिस्तान कनेक्शन, आतंकी संगठनों से हथियारों की सप्लाई और जेल से नेटवर्क चलाने वाले दृश्यों ने नई बहस छेड़ दी है।
हालांकि, फिल्म एक काल्पनिक चित्रण हो सकती है, लेकिन असल जिंदगी में भी खुफिया एजेंसियां अतीक के पास से बरामद विदेशी हथियारों और पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आने वाली खेप के एंगल पर जांच कर चुकी हैं। फिल्म के बाद लोग सोशल मीडिया पर माफिया के उन रिश्तों को फिर से टटोल रहे हैं, जिन्होंने कभी उत्तर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाई थी।
कहां हैं लेडी डॉन शाइस्ता परवीन और जैनब?
तीन साल बीत जाने के बाद भी अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन और अशरफ की पत्नी जैनब पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
इनाम की राशि: शाइस्ता पर 50 हजार और जैनब व आयशा नूरी पर 25-25 हजार का इनाम घोषित है।
लोकेशन का खेल: पुलिस को कई बार कौशांबी और प्रयागराज के कछार इलाकों में इनकी लोकेशन मिली, लेकिन बुर्के की आड़ और स्थानीय मददगारों के चलते वे हर बार बच निकलने में कामयाब रहीं।
अधूरा उमेश पाल केस: उमेश पाल हत्याकांड के मुख्य शूटर गुड्डू मुस्लिम, अरमान और साबिर भी 3 साल से फरार हैं। इन तीनों पर 5-5 लाख का इनाम है, लेकिन इनके बारे में कोई पुख्ता जानकारी अब तक नहीं मिल सकी है।
हत्या के बाद भी सक्रिय है 'अतीक गैंग'
पुलिस और एसटीएफ की सख्ती के बावजूद अतीक गैंग के गुर्गे अब भी रंगदारी और जमीन कब्जाने के खेल में लगे हैं।
करेली हत्याकांड: हाल ही में ऐनुद्दीनपुर में एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या में अतीक के पुराने गुर्गों का नाम आया है।
जमीन पर कब्जा: बमरौली में एटीएस और चुनाव कार्यालय के लिए चिह्नित सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश ने प्रशासन के कान खड़े कर दिए हैं।
एसआईटी जांच: चार विभागों की विशेष जांच टीम (SIT) ने पुष्टि की है कि माफिया का आर्थिक साम्राज्य और जमीन कब्जाने का नेटवर्क अब भी उसके करीबियों के जरिए सांस ले रहा है।
क्या हुआ हत्यारोपियों का?
अतीक-अशरफ की हत्या करने वाले तीनों आरोपी—लवलेश तिवारी, सनी सिंह और अरुण मौर्य फिलहाल जेल में हैं। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया धीमी है और तीन साल बाद भी इस मामले में गवाहियां और अदालती कार्यवाही किसी तार्किक अंजाम तक नहीं पहुंच पाई है।




