Up Kiran,Digital Desk: यूपी में यातायात और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में व्यापक सुधार हो रहे हैं। नए हाईवे और एक्सप्रेस-वे की योजना ने न केवल यात्रा की गति को बढ़ाया है, बल्कि यह राज्य की अर्थव्यवस्था और व्यापार को भी नई दिशा दे रहा है। आने वाले सालों में कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस-वे जनता के लिए खोल दिए जाएंगे, जो यात्रियों और व्यापारियों दोनों के लिए सुविधाजनक होंगे।
नोएडा-कानपुर एक्सप्रेस-वे: लंबी दूरी को करें छोटा
कानपुर और नोएडा के बीच की दूरी को कम करने के लिए बनाए जा रहे 380 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे का निर्माण 2026 में पूरा होगा। यह एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहरों को जोड़ने वाला है, जिनमें गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, बुलंदशहर, कासगंज और कानपुर जैसे शहर शामिल हैं। इसके चालू होने से नोएडा और कानपुर के बीच यात्रा का समय तेजी से घटेगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे: यात्रा का समय घटेगा
कानपुर और लखनऊ को जोड़ने वाला 63 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे इस साल के अंत तक पूरा होने की संभावना है। वर्तमान में कानपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात की भीड़ बहुत अधिक है। इस नए एक्सप्रेस-वे के बनने से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय 3 से 4 घंटे से घटकर केवल 35-45 मिनट तक सीमित हो जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि व्यापारिक लेन-देन में भी बढ़ोतरी होगी।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे: राजधानी से पर्वतीय क्षेत्रों तक सीधा रास्ता
दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा को और भी आसान बनाने के लिए 210 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे का निर्माण हो रहा है, जो फरवरी 2026 में जनता के लिए खोल दिया जाएगा। यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ता है, और इसका छह लेन का डिज़ाइन यात्रा को और भी तेज़ बनाएगा। राजाजी नेशनल पार्क के ऊपर बने इस रोड में एक वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर भी शामिल होगा, जो पर्यावरण के लिए भी महत्वपूर्ण है।
गंगा एक्सप्रेस-वे: यूपी के विकास का नया अध्याय
गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे होगा, जो मेरठ से प्रयागराज तक फैला होगा। इसे मिर्जापुर और हरिद्वार तक विस्तार देने की योजना है। इस परियोजना में 12 जिलों को जोड़ने की योजना है, जिनमें मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ जैसे महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं। गंगा एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकेगी। 2026 तक इसका उद्घाटन होने की उम्मीद है, जो राज्य के परिवहन नेटवर्क को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाएगा।
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