UP Kiran,Digital Desk: पंजाब के रेल नेटवर्क को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। केंद्र सरकार ने राजपुरा बाईपास लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी है, जो राज्य के रेल यातायात के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकती है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इस परियोजना के बारे में जानकारी दी। इस परियोजना की अनुमानित लागत 411.96 करोड़ रुपये है, और इसे रेलवे बोर्ड की सिफारिश के बाद मंजूरी दी गई है।
राजपुरा यार्ड पर दबाव कम करने की योजना
यह नई बाईपास लाइन राजपुरा यार्ड पर अत्यधिक दबाव को कम करने के लिए बनाई जा रही है। वर्तमान में यह यार्ड पूरी क्षमता से काम कर रहा है, जिससे यहां ट्रेनों की आवाजाही में कठिनाई हो रही है। इस लाइन के निर्माण से राजपुरा-बठिंडा मार्ग के कौली स्टेशन को न्यू शंभू समर्पित माल ढुलाई कॉरिडोर स्टेशन से जोड़ने वाली 13.46 किलोमीटर लंबी बाईपास लाइन का निर्माण होगा।
2030 तक ट्रैफिक का दबाव बढ़ने का खतरा
केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने बताया कि यदि इस परियोजना पर समय रहते काम नहीं किया गया, तो 2030 तक इस क्षेत्र में रेल नेटवर्क की क्षमता 165 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जिससे ट्रैफिक में और भी अधिक दबाव उत्पन्न होगा। खासकर अंबाला-जालंधर डिवीजन, जो नॉर्दर्न रेलवे नेटवर्क के सबसे व्यस्त कॉरिडोर में से एक है, इसके ट्रैफिक को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता था।
नवीनतम बाईपास लाइन का महत्व
नई बाईपास लाइन का प्रमुख उद्देश्य यह है कि ट्रेनों को सीधे मार्ग पर पहुंचाया जाए, ताकि राजपुरा यार्ड की भीड़ से बचते हुए वे अपनी यात्रा को तेज और सुगम बना सकें। इससे माल और यात्री ट्रेनों की आवाजाही में गति और दक्षता दोनों में वृद्धि होगी।
रेल ढांचे का आधुनिकीकरण और भविष्य में बदलाव
यह परियोजना भारतीय रेलवे के 'अम्ब्रेला वर्क 2025-26' योजना के तहत एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य नए रेल नेटवर्क का निर्माण करना और बढ़ती यातायात आवश्यकताओं को पूरा करना है। इस बाईपास लाइन से न केवल क्षेत्र में रेल ढांचे का आधुनिकीकरण होगा, बल्कि यह देश में परिवहन नेटवर्क की बढ़ती जरूरतों के साथ तालमेल बिठाने में भी मदद करेगा।




