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UP Kiran,Digital Desk: फरवरी का आधा महीना बीतने के बाद मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला है। जहां पहले सर्दी का असर बना हुआ था, वहीं अब गर्मी की शुरुआत हो चुकी है। गुरदासपुर क्षेत्र में आज का तापमान लमसम 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, वहीं रात का तापमान 11 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। इस बदलाव से आम जनता को भारी सर्दी के कपड़ों से राहत मिली है। अब लोग दिन में हलके कपड़े पहनकर बाहर निकल रहे हैं, जिससे सर्दियों की तीव्रता कम महसूस हो रही है।

फसलों पर असर

मौसम के इस बदलाव का प्रभाव अब फसलों और वनस्पति पर भी दिखने लगा है। ठंड के कारण जो घास और फसलें सूख गई थीं, वे अब फिर से ताजगी से भरने लगी हैं। अधिकतर फलदार पौधों और खेतों में खड़ी फसलें धूप से हरी-भरी हो रही हैं, जिससे किसानों को कुछ राहत मिल रही है। हालांकि, यह बदलाव किसानों के लिए खुशियों का कारण तो बन रहा है, लेकिन साथ ही कृषि विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय भी है।

कृषि विशेषज्ञों की चिंता

मौसम के इस बदलाव के कारण कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, फसलों की लगातार निगरानी करना बेहद जरूरी हो गया है, खासकर गेहूं की फसल को संभावित खतरों से बचाने के लिए। फिलहाल तो किसी गंभीर बीमारी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बढ़ते तापमान को देखते हुए फसलों पर नजर रखना जरूरी है। विशेष रूप से गेहूं की फसल को पीली कुंगी (येलो रस्ट) से बचाने की आवश्यकता है। यह बीमारी हर साल पंजाब के नीम पहाड़ी क्षेत्रों में गेहूं की फसलों पर हमला करती है।

कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि पंजाब के नीम पहाड़ी क्षेत्रों में गेहूं की निगरानी की जा रही है। हाल ही में रोपड़ के चंदपुर बेला और गुरदासपुर के कुछ गांवों में इस बीमारी के शुरुआती लक्षण देखे गए हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि यदि फसलों में ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो वे तुरंत कृषि विशेषज्ञों से संपर्क करें ताकि समय रहते कदम उठाए जा सकें और फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सके।