Up Kiran, Digital Desk: बिहार में विधानसभा चुनाव का प्रचार अब अपने आखिरी दौर में पहुंच चुका है और इसके साथ ही राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर अब तक का सबसे सीधा और बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बीजेपी बिहार में 'वोट चोरी' करने की कोशिश कर रही है क्योंकि उसे अपनी हार साफ नजर आ रही है।
हार रहे हैं, इसलिए वोट चोरी करेंगे
मधुबनी और अररिया में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "महागठबंधन की सरकार बन रही है, यह बात मोदी जी और अमित शाह जी भी अच्छी तरह जानते हैं। इसीलिए अब उनके पास 'वोट चोरी' करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है।" उन्होंने जनता से सावधान रहने और महागठबंधन के पक्ष में भारी मतदान करने की अपील की ताकि ऐसी किसी भी कोशिश को पूरी तरह से नाकाम किया जा सके।
राहुल गांधी का यह बयान चुनाव के अंतिम चरण से ठीक पहले आया है, जिससे बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
राहुल ने सिर्फ 'वोट चोरी' का ही आरोप नहीं लगाया, बल्कि उन्होंने रोजगार और किसानों के मुद्दों पर भी एनडीए सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने युवाओं से पूछा, "मोदी जी ने 2 करोड़ रोजगार हर साल देने का वादा किया था, क्या आपको मिला? नीतीश जी ने बिहार को बदलने का वादा किया था, क्या बिहार बदला?"
उन्होंने केंद्र के नए कृषि कानूनों को "किसानों पर हमला" बताते हुए कहा कि इन कानूनों का असली मकसद किसानों से उनकी जमीन और फसल छीनकर बड़े उद्योगपतियों को देना है। राहुल ने वादा किया कि अगर बिहार में महागठबंधन की सरकार बनती है, तो वह इन कानूनों को लागू नहीं होने देगी और किसानों को उनकी फसल का सही न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करेगी। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा का जिक्र करते हुए भी सरकार पर निशाना साधा।
चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में इस तरह के तीखे बयानों से बिहार की सियासत गरमा गई है। अब फैसला जनता के हाथ में है, जो 11 नवंबर को आखिरी चरण में मतदान करेगी। वोटों की गिनती 14 नवंबर को होगी, जिसके साथ ही यह साफ हो जाएगा कि बिहार का ताज किसके सिर सजेगा।




