Up kiran,Digital Desk : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बाद अब अंबेडकरनगर जनपद न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। बुधवार को एक संदिग्ध ईमेल के जरिए कचहरी को निशाना बनाने की बात कही गई, जिसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल और बम निरोधक दस्ते ने कचहरी परिसर को घेरे में ले लिया और चप्पे-चप्पे पर सघन तलाशी अभियान चलाया।
तमिल संगठन के नाम से आया धमकी भरा मेल
सीओ सिटी नितीश तिवारी ने बताया कि एक ईमेल प्राप्त हुआ था जिसमें किसी तमिल संगठन की ओर से कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इस इनपुट के मिलते ही मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधा यादव के निर्देश पर सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। पखवाड़े भर पहले जिले के मुख्य डाकघर को भी इसी तरह उड़ाने की धमकी मिली थी, जिसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां पहले ही अलर्ट मोड पर थीं। हालांकि, घंटों चली जांच के बाद परिसर में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिससे पुलिस ने राहत की सांस ली।
हाईटेक सुरक्षा घेरे में कचहरी, मेटल डिटेक्टर से हुई जांच
धमकी के मद्देनजर कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। जनपद न्यायालय में प्रवेश के लिए निर्धारित तीनों गेटों पर मेटल डिटेक्टर और बैगेज स्कैनर के जरिए सघन चेकिंग की जा रही है। एलआईयू इंस्पेक्टर और भारी पुलिस बल ने वकालतखानों, अदालतों और कार्यालयों की बारीकी से जांच की। कोर्ट परिसर में हाई क्लास सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) और हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) से लैस दो दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी और होमगार्ड मुस्तैद कर दिए गए हैं।
मुकदमों की पैरवी के बीच सुरक्षा का पहरा
धमकी के बावजूद न्यायालय की कार्यवाही जारी रही, लेकिन सुरक्षा कारणों से वादकारियों और अधिवक्ताओं की गहन तलाशी ली गई। सीजेएम सुधा यादव ने बताया कि जनपद न्यायालय सुरक्षा समिति की बैठकों के माध्यम से सुरक्षा मानकों की लगातार समीक्षा की जा रही है। जनपद न्यायाधीश के परामर्श पर अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो। पुलिस अब उस ईमेल के आईपी एड्रेस और स्रोत की जांच कर रही है ताकि अफवाह फैलाने या साजिश रचने वालों तक पहुंचा जा सके।




