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Up Kiran, Digital Desk: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव शुक्रवार को हजरत शेख सलीम चिश्ती की मशहूर दरगाह पहुंचे। उनके साथ पत्नी डिंपल यादव और राज्यसभा सांसद जया बच्चन भी थीं। तीनों ने मिलकर चादर चढ़ाई और मन्नत का धागा बांधा।

लोग बता रहे हैं कि साल 2012 में भी अखिलेश इसी दरगाह आए थे। उस वक्त उन्होंने मुख्यमंत्री बनने की मन्नत मांगी थी और मन्नत पूरी भी हुई थी। अब एक बार फिर धागा बांधकर उन्होंने नई कामना की है। सपा कार्यकर्ता इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं।

दरगाह परिसर में जैसे ही अखिलेश का काफिला पहुंचा वैसे ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए। बाहर कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी रही। अखिलेश ने सभी से कहा कि अब से ही एसआईआर यानी सर्वे, इंटरेक्शन और रजिस्ट्रेशन का काम शुरू कर दो। मतलब नए वोटर जोड़ने और पुराने वोटरों से संपर्क का काम तेज करो।

साफ है कि सपा अभी से 2027 के रण में जुट गई है। अखिलेश यादव का यह दौरा सिर्फ धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश भी था। यूपी की सियासत में फिर से साइकिल दौड़ाने की पूरी तैयारी दिख रही है।